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अब आयुष्मान योजना के तहत कैंसर संस्थानों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे दुर्बल आय वर्ग के मरीज, योजनाएं PGI के पैटर्न पर होंगी लागू

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के कैंसर संस्थानों में अब आयुष्मान के तहत गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा। आयुष्मान के साथ-साथ इस संस्थान में असाध्य रोग योजनाएं लागू की जाएंगी।  इन योजनाओं को पीजीआई के पैटर्न पर लागू किया जाएगा जिसका खाका भी तैयार कर लिया गया है।

जिले का यह कैंसर संस्थान जो कि चक गंजरिया में स्थित है, आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इस संस्थान में इलाज भी शुरू हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री द्वारा जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा। बात अगर इस संस्थान के सेवाओं की करें तो जहाँ एक ओर यहाँ ओपीडी से लेकर इंडोर सेवाएं चालू कर दी गई हैं तो वहीं दूसरी ओर पैथोलॉजीव रेडियोलॉजी सेवाओं का पूर्ण रूप से विस्तार किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह कि इस संस्थान में दुर्बल आय वर्ग के मरीजों को मुफ्त में इलाज मुहैया कराने की भी तैयारी चल रही है। 

डॉ. शालीन कुमार जो इस कैंसर संस्थान के निदेशक है के मुताबिक यह अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल में जुड़ गया है।  बहुत ही जल्द मरीजों के लिए इंटरनल फंड से धन की व्यवस्था की जाएगी जो कि पीजीआइ की तर्ज पर होगा। इससे फायदा यह होगा कि आने वाले आयुष्मान रोगियों को अस्पताल में तत्काल प्रभाव से मुफत में इलाज मिल सकेगा।

हालांकि धन के विषय में उन्होंने कहा कि यह धन कितना होगा, यह शासन से  सलाह मशवरा कर तय किया जाएगा। मरीज के इलाज का खर्च जोकि तत्काल रूप से  अस्पताल की ओर से दिया जाएगा बाद में योजना के जरिए अस्पताल को वापस मिल जाएगा। इसके अलावा बीपीएल कार्ड धारक भी असाध्य रोग योजना के जरिए  इस संस्थान में कैंसर का मुफ्त में इलाज करा सकेंगे।

आयुष्मान योजना के सवा करोड़ हैं लाभार्थी परिवार

राज्य में आयुष्मान योजना से जुड़ने वाले परिवारों की संख्या एक करोड़ 26 लाख हैं। ऐेसे में राज्य के करोड़ों परिवार इस संस्थान में  आयुष्मान योजना के तहत कैंसर के मुफ्त उपचार के हकदार होंगे। इस मुफ्त उपचार में ऑपरेशन, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी व दवा का लाभ  शामिल है।

प्रथम चरण में कैंसर संस्थान के बनेंगे 11 भवन

राज्य में कैंसर संस्थान का प्रोजेक्ट करीब एक हजार बेड का है। 35 एकड़ जमीन पर प्रथम चरण में भवनों का निर्माण हो रहा है। इसमें कुल 500 बेड की इंडोर बिल्डिंग के साथ साथ 11 भवन होंगे। इनमें से कई भवन तैयार हो गए हैं मगर कुछ का निर्माण अपने अंतिम दौर में हैं। हालांकि शेष भूमि पर विभागों का विस्तार द्वितीय चरण में किया जाएगा।

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