अब मोटर व्हीकल एक्ट का होगा सख्ती से पालन, लगेंगे शहर के चौराहे पर 80 कैमरे जिनके द्वारा पकड़े जाएंगे धुआं उगलते हुए वाहन।

अब मोटर व्हीकल एक्ट का होगा सख्ती से पालन, लगेंगे शहर के चौराहे पर 80 कैमरे जिनके द्वारा पकड़े जाएंगे धुआं उगलते हुए वाहन।

 

लखनऊ शहर में वायु प्रदूषण दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है इस प्रदूषण पर रोकथाम करने के लिए पुलिस ने ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने का कदम उठाया है जो अपने वाहनों के गड़बड़ी होने के कारण शहर की आबोहवा को बुरी तरह से खराब कर रहे हैं।

 

पुलिस ने ऐसे मोटर वाहनों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है जिन चालकों की गाड़ी अंधाधुन रोड पर धुआं छोड़ते हुए गुजरती है। और जो वाहन वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं उनको देखने के लिए। वाहनों का चालान काटने के लिए शहर के 80 चौराहों पर कैमरे लगेंगे।
जिससे कि उन वाहन चालकों को देखा जाए जो शहर की आबोहवा को गंदा करने में पूर्ण रुप से सहयोग कर रहे ऐसे चालकों को कैमरे की सहायता से पकड़ा जाएगा

 

इसके साथ ही यातायात पुलिस यातायात नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ 900 मोबाइल फोन से ऐसे वाहनों की फोटो खींचने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कार्ययोजना बहुत ही तेजी से बना रही है। साथ ही यातायात पुलिस ज्यादा धुआं देने वाले वाहनों का चालान काटेगी।और नए मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार वायु व ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालक को ₹10,000 का जुर्माना देना पड़ेगा।

 

वाहन चालकों को इन नियमों का करना होगा पालन।

1)  वाहन स्वामी को प्रदूषण प्रमाण पत्र होने के पश्चात भी इंजन के खराब हो जाने के कारण उसको तुरंत सही कराना होगा।
2)  और शहरी क्षेत्र में डीजल के टेंपो नहीं लाने होंगे।
3)  BS-2 BS-2 या फिर भी BS-3 कमर्शियल वाहन की फिटनेस तथा प्रदूषण जांच जरूर करानी होगी।

 

प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई।

 

यातायात पुलिस अब उन वाहनों पर सख्ती से कार्यवाही करेगी जो प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करते हैं।
इसके लिए 5 टीमों को ध्वनि प्रदूषण चेक करने वाली मशीन के साथ लगाया गया है।

मशीन वाहन में लगे हॉर्न की आवाज को चेक करेगी
वाहन के हॉर्न की आवाज 93 से 112 डेसीबल तक की होनी चाहिए इससे ज्यादा हॉर्न का प्रेशर रखने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जिसमें 3 माह की सजा वाहन स्वामी को और ₹10000 तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए पुराने वाहनों को बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के सड़क पर चलाने की परमिशन नहीं दी जाएगी और ऐसे वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी जो प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने के कुछ ही दिनों पर इंजन में खराबी आने के पश्चात धुआँ देने लगते हैं। ऐसे वाहनों की फोटो खींचकर चालान किया जाएगा। प्रदूषण को लेकर जारी गाइडलाइन की सख्ती से पालन कराने के लिए सभी आरआई को प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश सख्ती के साथ दिए गएं हैं।

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