आप जानते हैं कि अत्यधिक सफल लोगों को कम तनावपूर्ण, अधिक खुश क्यो रहते है !

आप जानते हैं कि अत्यधिक सफल लोगों को कम तनावपूर्ण, अधिक खुश क्यो रहते है

सिर्काडियन क्लॉक कहते हैं… इसी घड़ी के हिसाब से हमारे शरीर को सोने-जागने का मन होता है…. 

यदि किसी को ज़बरदस्ती उसकी बॉडी क्लॉक के ख़िलाफ़ जाकर सुबह उठने या देर तक जागने को कहा जाएगा तो उसका बुरा असर ही होगा…. शरीर से ज़बरदस्ती करना कभी भी फ़ायदेमंद नहीं होता है… कैथरीना कहती हैं कि लोगों को उनकी सिर्काडियन क्लॉक यानी शरीर की जैविक घड़ी के हिसाब से ही चलना चाहिए… इससे उनका परफॉर्मेंस काफी बेहतर होता है…

यदि आप किसी देर रात तक जागने वाले को सुबह यदि सुबह जल्दी उठा देंगे तो उसका पूरी दिन आलस भरा होता है.. इसलिए देर से सोकर जल्दी उठने का प्रयास नहीं करना चाहिए…. ऐसा लगातार करते रहने से दिमाग़ का भी वो अच्छे से इस्तेमाल नहीं कर पाएगा…. उनका वज़न बढ़ सकता है…. और सेहत भी ख़राब हो सकती है…..

कैथरीन के अनुसार, लोगों की सुबह जल्दी उठने या रात में देर तक जागने की आदत अक्सर उन्हें अपने मां-बाप से मिलती है… ये हमारे डीएनए में ही होता है कि हम आगे चलकर सुबह जल्दी उठने की आदत पाएंगे.. या रात में देर तक जागेंगे….. उम्र के साथ भी ये आदत बदलती है… बच्चे अक्सर सुबह उठ जाते हैं… बीस साल के बाद देर तक जागने की आदत पड़ने लगती है… पचास के क़रीब पहुंचते-पहुंचते ये आदत फिर सुबह उठने में बदल जाती है…

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