आवश्यक सूचना गुरुवार पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का हुआ निधन।

आवश्यक सूचना – गुरुवार पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का हुआ निधन।

 

बताया जा रहा है कि गुरुवार की सुबह को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया जिनकी उम्र 92 साल थी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को सुबह सांस लेने में थोड़ी दिक्कत हुई जिसके कारण अहमदाबाद हॉस्पिटल में जल्द से जल्द ले जाकर एडमिट किया गया।
कुछ समय तक एडमिट रहने के पश्चात वही इन्होंने अपने जीवन के अंतिम कुछ छड़ बिताए और मृत्यु हो गई।

 

कौन थे केशुभाई पटेल ?

केशुभाई पटेल के लीडरशिप में 1995 में प्रथम बार भाजपा ने अपनी सरकार बनाई और पहली बार यह मुख्यमंत्री बने उन्होंने कई बार रिजाइन भी किया और
रिजाइन देने के पश्चात पुनः 1998 में मुख्यमंत्री बने।
केशुभाई पटेल ने ही भाजपा सरकार को राज्य में खड़ा किया था और यह गुजरात में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।

पहले तो इनके भाजपा पार्टी से रिश्ते काफी गहरे थे और अच्छे थे परंतु धीरे-धीरे भाजपा के साथ उनके रिश्ते सही नहीं रहे उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री बनने के 7 महीने पश्चात ही शंकर सिंह वाघेला से विवाद के कारण इस्तीफा दे दिया था। उसके पश्चात 1998 में यह पुनः जनता द्वारा मुख्यमंत्री चुने गए थे।
उन्होंने 1998 में मुख्यमंत्री बनने के पश्चात एक बार फिर
इस्तीफा दिया और
इस्तीफा का कारण 2001 में माना गया कि भ्रष्टाचार और भुज में आए भूकंप के दौरान कुशासन के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।, पार्टी से भी इनके लगातार रिश्ते खराब होते गए
2007 में इन्होंने कांग्रेस को अप्रत्यक्ष रूप से पूरा सपोर्ट दिया था और 2001 में इस्तीफा देने के पश्चात 2002 में भाजपा पार्टी से कड़वाहट पड़ जाने के कारण यह दोबारा चुनाव में नहीं खड़े हुए तथा।
2007 में कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने के पश्चात इन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाने का निर्णय लिया। 2012 में अपनी अलग पार्टी बनाने में सफल रहे परंतु 2014 में वह फिर से भाजपा से जा जुड़े। इस तरह से राजनीति में पार्टी से इनके बनते और बिगड़ते रिश्ते कड़वे और मीठे रहे।
2020 में इन्होंने अपने जीवन की अंतिम सास अहमदाबाद अस्पताल में ली।

 

पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल केे पद के बार में जाने ।

सर्वप्रथम यह जनसंघ के संस्थापक सदस्य के रूप में 1960 में जुड़ें तत्पश्चात राजकोट से लोकसभा चुनाव 1977 जीते।
और काला बाढ़ गोंदल ,विसावदर से विधानसभा चुनाव 1978 व 1995 जीते
यह पुनः राज्य के मुख्यमंत्री 1998 में बने तथा।
स्वास्थ्य सही ना होने के कारण 2001 में इन्होंने पुनः इस्तीफा दिया ,
निर्विरोध राज्यसभा के सदस्य 2002 में चुने गए।
विधानसभा चुनावों में अपने समुदाय से बदलाव के लिए वोट करने को 2007 में कहा।
और 2012 में भाजपा से इस्तीफा दे करके अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया।
2014 में खराब स्वास्थ्य होने के कारण विधायक पद से भी इस्तीफा दिया
राजनीति में इनका उतार-चढ़ाव इस तरह से होता रहा और इन्होंने अंतिम सांस 19 अक्टूबर दिन गरूवार को अहमदाबाद अस्पताल में ली।

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