इस बार दीपावली रहेगी सूनी सानी पटाखों की नहीं सुनाई पड़ेगी कानों में आवाज।

इस बार दीपावली रहेगी सूनी सानी पटाखों की नहीं सुनाई पड़ेगी कानों में आवाज।

 

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा ) कोरोना ने तो सभी त्योहारों को सूना साना करा ही साथ ही अब प्रदूषण ने भी दीपावली पर अपना असर जमा लिया है। इस बार दीपावली प्रदूषित हवा के कारण सूनी सानी होगी क्योंकि राजधानी लखनऊ के साथ-साथ 13 अन्य शहरों पर बड़ी ही सख्ती के साथ पटाखे जलाने पर रोक लगाई गई है। सर्वप्रथम पटाखे जलाने पर रोक दिल्ली ने उसके बाद महाराष्ट्र और आखिर में राजस्थान पर लगाई परंतु अब 14 अन्य शहरों में भी पटाखे जलाने पर सरकार ने प्रदूषित हवा ना हो इसलिए रोक लगा दी है और जो भी पटाखे जलाएगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदूषण का लेवल देखने के पश्चात सरकार ने दीपावली के मौके पर 14 शहरों में पटाखे जलाने पर रोक लगा दी है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन करते हुए मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आदेश का पालन करते हुए कहा की 14 जिलों के अलावा अन्य 14 जिलों में पटाखे जलाने पर रोक नहीं लगाई जाएगी वह 14 शहर –
मुजफ्फरनगर, एनसीआर आगरा वाराणसी, मेरठ, हापुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, नोएडा, ग्रेटर, नोएडा, बुलंदशहर तथा बागपत पर रोक लगाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह पाबंदी 30 नवंबर तक के लागू रहेगी।

जाने इन 14 शहर के एक्यूआई के बारे में।

दीपावली में पटाखे जलाने पर इन शहरों में रोक लगाने का कारण यह था कि यहां का एक्यूआई काफी बढ़ चुका है। मुजफ्फरनगर में एक्यूआई 201 से 30 के बीच और हो गया है तथा आगरा वाराणसी में राठौर हापुड़ में 301 से 400 तक हो गया है। इसके बाद गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, ग्रेटर, नोएडा, नोएडा और बुलंदशहर तथा बागपत में सबसे अधिक प्रदूषण रहा है। यहां एक्यूआई 400 से भी अधिक हो गया है।

पटाखे ना जलाने का एनजीटी ने दिया था आदेश।

बीते दिनों एनजीटी ने अपने आदेश में यह कहा था कि जिन शहरों में प्रदूषण अत्यधिक फैल चुका है वहां पर 9 नवंबर की आधी रात से दीपावली से पूर्व वह 30 नवंबर की आधी रात तक पटाखों का इस्तेमाल तथा बिक्री बंद करा दी जाए। उन्होंने कहा की जिन शहरों में एयर क्वालिटी मॉडरेट है तथा वहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं।

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