उत्तर प्रदेश वासियों ने इस वर्ष सामान्य से 22.5 फीसदी कम बारिश का किया अनुभव

यूं तो बारिश का मौसम जब भी आता है अपने साथ हरियाली लेकर आता है। जून से सितंबर तक के महीने में देश के लगभग सभी राज्यों में मॉनसून की बहार देखने को मिलती है। मगर इस वर्ष मॉनसून कि ये बहार उत्तर प्रदेश के जिलों में नदारद सी नजर आई।

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष  हुई बारिश पिछले 2 वर्षों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में कम रिकॉर्ड की गई।

प्रदेश के 75 जिलों में से केवल 28 ही ऐसे जिले थे जहां सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा देखने को मिली। 

 

आइए डालते हैं एक नजर कहां हुई कितनी बारिश

भारतीय मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत तो काफी अच्छी हुई यानी पहले सप्ताह 28 मई से 3 जून के बीच इस इलाके में जमकर बारिश देखने को मिली। हालांकि इसके बाद यहां की स्थिति बिगड़नी शुरू हो गई क्योंकि 23 सितंबर तक यहाँ पर शुरुआत के 4 हफ्तों में सामान्य बारिश ही देखने को मिली। मगर आखिर के हफ्तों में यहाँ 40 से 80 फीसदी बारिश ही देखने को मिली जो सामान्य बारिश से काफी कम है।

वही बात जब पूर्वी उत्तर प्रदेश की करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में यहां की स्थिति कुछ बेहतर नजर आई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में शुरुआत की 6 हफ्ते सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिली परंतु 9 जुलाई से 23 सितंबर के बीच 40 से 80 फ़ीसदी ही बारिश देखने को मिली जो सामान्य बारिश से कम है। इस मामले में पूर्वी उत्तर प्रदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कुछ हद तक बेहतर स्थिति में था।

 

40 से 60 फ़ीसदी बारिश दर्ज की गई प्रदेश की राजधानी समेत कई जिलों में

यूं तो प्रदेश में केवल 28 ही ऐसे जिले हैं जहां सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। बाकी के जितने भी जिले थे सभी में सामान्य से कम बारिश देखने को मिली। उन्हें जिलों में आते है प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित लगभग डेढ़ दर्जन जिले जैसे पीलीभीत,जालौन, आगरा, बदायूं, हाथरस,चंदौली, फर्रुखाबाद, औरैया,रायबरेली,संभल,बागपत, शामली, शाहजहांपुर, अमरोहा, उन्नाव, हरदोई,महोबा। 

आपको बता दें यह वह जिले हैं जहां 40 से 60 फ़ीसदी बारिश दर्ज की गई जो सामान्य बारिश की तुलना में  काफी कम है। 

वहीं कुछ ऐसे जिले भी है जैसे रामपुर, बुलंदशहर,कानपुर देहात, मथुरा,कौशांबी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर जहां मात्र 40 फीसदी बारिश ही देखने को मिली।

 

एक नजर उन जिलों पर जहां दर्ज हुई सामान्य से अधिक बारिश

यूँ तो इस वर्ष उत्तर प्रदेश पर मॉनसून की कुछ खास कृपा देखने को मिली नहीं। 75 में से केवल 28 ही ऐसे जले थे जहां सामान्य या उससे अधिक बारिश लोगों द्वारा अनुभव की गई। उन 28 जिलों में बस्ती, अंबेडकरनगर, चित्रकूट, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, बाराबंकी शामिल हैं।  यह वह 6 जिले हैं जहां लगभग 120 फ़ीसदी बारिश जो कि सामान्य बारिश से ज्यादा है लोगों द्वारा अनुभव की गई।

बाकी के 22 जिले जिनमें सुल्तानपुर, देवरिया, बलरामपुर, संत कबीर नगर,बलिया, भदोही, आजमगढ़, बहराइच,प्रतापगढ़,लखीमपुर खीरी, महाराजगंज,वाराणसी, श्रावस्ती, सहारनपुर,मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गोंडा, बांदा, हमीरपुर, अयोध्या,प्रयागराज व कन्नौज सामिल है, सामान्य से ज्यादा यानी 80 से 120 फीसदी बारिश देखने को मिली। 

इन सब जिलों के अलावा कुछ ऐसे जिले भी थे जहां 60 से 80 फ़ीसदी बारिश ही दर्ज हो सकी। उन जिलों में  कानपुर नगर, मिर्जापुर, मुरादाबाद, गाजीपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, ललितपुर, अमेठी, फिरोजाबाद, बरेली, सीतापुर, मऊ, इटावा, हापुड़, एटा, मेरठ, झांसी, कासगंज, फतेहपुर, जौनपुर, मैनपुरी और अलीगढ़ शामिल हैं।

 

हालांकि यह बात भी गौर करने वाली है कि पूरे प्रदेश में 23 से 29 सितंबर तक किसी भी इलाके में बारिश का नामोनिशान देखने को नहीं मिला। और अब जैसा कि हम सब जानते हैं कि 30 सितंबर तक इन इलाकों में बारिश करवाने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून यहां से विदा हो जाते हैं तो अब इन इलाकों में बारिश होने की कोई गुंजाइश भी नहीं बची है।

 

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