उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एक बड़ा फैसला निजी अस्पतालों को कोविड-19 मरीजों के लिए 50% बेड खाली करना होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एक बड़ा फैसला निजी अस्पतालों को कोविड-19 मरीजों के लिए 50% बेड खाली करने की आवश्यकता होने पर यूपी सरकार जो शुल्क लिया जाना है वह भी निर्धारित किया गया है।

और इन बिस्तर की आवश्यकता के लिए संभव है जिला स्तर पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या जाएगा। 

 

देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में इन अस्पतालों के बेड कोविड-19 मरीजों की 50% भाग खाली करना होगा और किसी भी जिले में उपलब्ध लेवल 2 ऑल लेवल 3 कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के लिए आवश्यकता से कम होने की स्थिति में आयुष्मान भारत योजना के तहत निर्धारित दरों पर उपचार प्रदान करना होगा। 

राज्य सरकार के एक अधिकारी द्वारा जारी किया गया आदेश में सारी जानकारी दी गई है और बताया गया है

जो शुल्क लिया जाना है वह भी निर्धारित किया गया है और बिस्तर की आवश्यकता के लिए संबंध में जिला स्तर पर प्रशासन और स्वास्थ विभाग द्वारा जानकारी दिया गया है।  और विभाग द्वारा किया जाएगा यूपी सरकार के विशेष सचिव द्वारा शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ जिलों में  कोरोना संक्रमित सकारात्मक की दर अधिक होने के कारण इनमें बिस्तरों की कमी आ सकती है जिसे

 

 

कुछ इत्रों में 5% कोरोना संक्रमित मरीजों की पॉजिटिव दर है जबकि कुछ अन्य में 10% तक है। 

 

 इन अस्पतालों को उत्तर प्रदेश के सरकार के आदेश के अनुसार दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड पर पावर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स एनबीएच के लिए दरें मान्यता प्राप्त दलों और मान्यता प्राप्त नहीं है उन्हें पहले से तय किया गया है नया  आदेश इसके अतिरिक्त है वर्तमान में निजी अस्पतालों में सभी  का उपयोग नहीं किया जा रहा है क्योंकि कोविड-19 संक्रमित मरीजों की कोरोना संक्रमित  संख्या कम है दूसरी और महत्वपूर्ण देखभाल की कमी है आदेश में कहा गया है कि आयुष्मान भारत योजना की दरों में 50% उपलब्धि के लिए बाध्यकारी होगा। 

बताया गया है अस्पताल में सुविधाओं और शहरों की श्रेणी के आधार पर कोविड-19 की ₹8000 से लेकर स्वीकार करने वालों के लिए जुलाई में घोषित की गई थी। 

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