उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा निर्णय खसरे का बदला प्रारूप 22 की जगह खसरे में बढ़ा दिए गए कॉलम।

उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा निर्णय खसरे का बदला प्रारूप 22 की जगह खसरे में बढ़ा दिए गए कॉलम।

 

 

 

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा )  जी हां, अब उत्तर प्रदेश सरकार ने खसरे का प्रारूप बदलने का निर्णय लिया है। यह खसरा अब कंप्यूटर पर ऑनलाइन दिखेगा। अभी तक के यह खसरा मैनुअली तैयार कर दिया जाता था परंतु अब लेखपाल खसरे को ऑनलाइन एंट्री कराएंगे।

योगी सरकार ने खतरे के प्रारूप के साथ 22 कॉलम की जगह पर 46 कॉलम कर दिए हैं। इसके साथ ही शासन ने यूपी राजस्व संहिता की नियमावली 2020 का अनुमोदन दे दिया है। इसने खसरे के प्रारूप को 1428 फसली वर्ष से लागू कर दिया जाएगा।

 

 

 

जाने क्या हुआ है कॉलम में बदलाव ।

 

 

बता दें की इसके पहले भाग में पांच तक के कॉलम लेखपाल को अब नहीं भरने होंगे। यह खतौनी से जनरेट हो जाएगा।

भाग 2 में सिंचाई के साधनों को फसल के हिसाब से अंकित कर दिया जाएगा और इसके

कॉलम नंबर 3 में दैवी आपदा से होने वाली प्रभावित फसल के एरिया को लिखा जाएगा।

कॉलम नंबर 4 में पेड़ों की हालत के बारे में बताया जाएगा और

कॉलम नंबर 5 में गैर कृषक घोषित भूमि साथ ही उसका कैसे इस्तेमाल हो रहा है। इससे से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

कॉलम नंबर छह में पट्टे पर दी गई भूमि की डिटेल दर्शाई जाएगी जो अभी तक के खसरे में नोट नहीं होती थी। कॉलम नंबर 7 में दो फसली भूमि के सम्बन्ध में बताया जाएगा।

कॉलम नंबर 8 में ऐतिहासिक महत्ता के मुक़ाम के साथ  अन्य डिटेल भी लिखी जाएंगी।

 

 

खतौनी में बदला है यह प्रारूप।

 

सरकार ने नियमावली के नियम 27 में संशोधन कर दिया है और खतौनी के प्रारूप को चेंज कर दिया है। इसको कंप्यूटर friendly बना दिया गया है। इस खतौनी में 14 के स्थान पर 19 कॉलम अब कर दिए गए हैं। इसके संशोधन से खतौनी के दाहिने तरफ नोट हुआ आदेश कंप्यूटर के एक क्लिक करने से बाएं हिस्से में फौरन आ जाएगा। इससे खातेदार को अपनी संख्या बड़ी आसानी से पता चल सकेगी। साथ ही राजस्व न्यायालय के जरिए पारित आदेशों को आसानी से दर्ज भी कर दिया जाएगा। साह खातेदार के अंश भी विरासत तथा नामांतरण के साथ दर्ज हो जाएगी।

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