एनसीईआरटी माॅड्युल के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक को दिया जाएगा निष्ठा प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश: बच्चों के बेहतर भविष्य  के लिए शिक्षकों का पूर्ण रूप से प्रशिक्षित होना अनिवार्य होता है इसी बात को ध्यान में रखते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूरे देश में एक जैसा शिक्षक प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि देश के सभी बच्चों में को अच्छी शिक्षा मिल सके।

क्या है समग्र शिक्षा अभियान 

आपको बता दें समग्र शिक्षा अभियान जिसके तहत पूरे देश में एक जैसा शिक्षक प्रशिक्षण प्रशिक्षण दिया जाता है का एकमात्र उद्देश्य बच्चों के लर्निंग आउटकम में इजाफा करना, स्वस्थ व सुरक्षित स्कूल वातावरण का विकास करना, शिक्षकों को स्कूली शिक्षा में नव विचारों से परिचित कराना, सीखने की दक्षताओं के विकास पर केंद्रित तनाव मुक्त विद्यालय आधारित मूल्यांकन का विकास करना, बच्चों के अंकीय व भाषाएं कुशलता में सुधार लाने तथा आईसीटी का प्रयोग करना जैसे मकसद शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस अभियान को केवल ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जा रहा था। हालांकि फिर भी इस प्रशिक्षण से वह परिणाम निकल कर सामने नहीं आ रहे थे जिसकी उम्मीद की गई थी। इसकी सबसे बड़ी वजह शिक्षक व अधिकारियों का इस अभियान को गंभीरता से ना लेना था। 

चूंकि इस  अभियान से जुड़े सभी मूल्यांकन ऑफलाइन हो रहे थे इसीलिए सही तरह से इस प्रक्रिया को भी पूरा नहीं किया जा रहा था और की जा रही मूल्यांकन बस इस प्रक्रिया को पूरा करने हेतु किया जा रहा था। इन सबके अलावा इस अभियान के तहत जो निष्ठा प्रशिक्षण देने की बात कही गई थी उसके नाम पर पिकनिक या कई मनोरंजक कार्यक्रमों के वीडियो आए दिन वायरल हो रहे थे जिस वजह से इस प्रशिक्षण का जो उद्देश्य था शिक्षकों को पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करने का वह पूरा नहीं हो पा रहा था।

दीक्षा पोर्टल के माध्यम से संचालित होगा प्रशिक्षण

शिक्षकों व अधिकारियों द्वारा निष्ठा प्रशिक्षण की ओर दिखाई जा रही लापरवाही को देखते हुए अब इस प्रशिक्षण को पूर्ण रूप से ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत किए जाने का निर्देश जारी कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि अब मूल्यांकन भी ऑफलाइन पैटर्न पर आधारित ना होकर ऑनलाइन किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अब इस प्रशिक्षण को दीक्षा पोर्टल के जरिए संचालित किया जाएगा। 

आपको बता दें इस पोर्टल में 18 कोर्स होंगे जिन्हें सभी शिक्षकों को 3 महीने के अंतराल में पूरा करना होगा। प्रत्येक महीने 6 कोर्स इस  पोर्टल पर डाले जाएंगे जिसे शिक्षकों को समय सीमा के अंदर समाप्त करना होगा। दिए गए कोर्स की समाप्ति के बाद सभी शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि उन्हें प्रमाण पत्र तब जारी किया जाएगा जब वे इस कोर्स में न्यूनतम आर्हता अंक प्राप्त कर लेंगे और यह प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन ही जारी किया जाएगा।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने एक बयान जारी कर इस संबंध से जुड़े आदेशों के विषय में जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य स्तर से ब्लॉक स्तर तक के समन्वयकों की जिम्मेदारी निश्चित कर दी गई है। आपको बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने के मद्देनजर हर जिले में समन्वयक को तैनात करने के साथ-साथ 10 सदस्य एकेडमिक टीम का भी गठन किया जा चुका है।

मिली जानकारी के अनुसार एनसीईआरटी द्वारा बनाई गई मॉड्यूल के आधार पर इस प्रशिक्षण की सभी प्रकिया पूरी की जाएगी और अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से यह निष्ठा प्रशिक्षण शुरू कर दी जाएगी।

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