कृषि अनुसंधान को मिली हरी झंडी कृषकों की बढ़ेगी अब आय।

कृषि अनुसंधान को मिली हरी झंडी कृषकों की बढ़ेगी अब आय।

 

 

यूपी तथा जापान के कृषि वन और मत्स्य मंत्रालय के मध्य मेमोरेंडम ऑफ कॉर्पोरेशन हस्ताक्षरित करने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। अब केवल कैबिनेट की स्वीकृति मिलनी बाकी है कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के पश्चात
सेंट्रल गवर्नमेंट के विदेश मंत्रालय से राजनीतिक अनुमति लेनी पड़ेगी। तत्पश्चात ही एनओसी कराई जाएगी।

 

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में उपर्युक्त निर्णय लिया गया।

और कृषि के मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी से वार्तालाप करने के पश्चात पता चला के
अप्रासंगिक परिस्थितियाँ में भी एमओसी में किसी तरह का संशोधन करने की जरूरत होगी तो
इसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है।

मानना है कि भारत तथा जापान के मध्य एम ओ सी हस्ताक्षर हो जाने के पश्चात प्रदेश के दो तिहाई कृषकों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। और कृषि तथा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में कृषि संबंधित क्षेत्रों के अनुसंधान तथा शिक्षा एवं प्रसार के क्षेत्र में भी प्राथमिकता प्राप्त होगी। इससे कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान तथा तकनीकी सहायता मिलेगी किसानों की आय बढ़ेगी तथा अमौसी से कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिक विधि की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक उपकरणों का आदान तथा प्रदान भी हो सकेगा।

 

कैबिनेट ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिए 200 करोड़ रुपये।

शुक्रवार को जल जीवन मिशन के तहत कैबिनेट ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृति उन गांवों के लिए दी जो के विंध्य क्षेत्र के अलावा गुणवत्ता से प्रभावित थे।
जालौन के विकासखंड कोच तथा डकोर में सला ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना,

सोनभद्र के ब्लॉक घोरावल- रॉबर्ट्सगंज में स्थित पट वध और पट वध -2 गांव के समूह, पाइप पेयजल योजना तथा

सोनभद्र के ब्लाक चोपन में स्थित कजरा नेवारी और हर्रा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना स्वीकृत है।

इससे पूर्व भी 200 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 21 परियोजनाओं का अनुमोदन प्राप्त किया जा चुका है।
कैबिनेट ने तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है जिसमें खर्च 200 करोड़ रुपए आएगा।

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