केजीएमयू में लोग कर रहे हैं। दान जाने किस तरीके से किया जा रहा है। दान और दान के द्वारा क्या बच सकती है जान।

केजीएमयू में लोग कर रहे हैं। दान जाने किस तरीके से किया जा रहा है। दान और दान के द्वारा क्या बच सकती है जान।

 

 

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा )   कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए कुछ लोग ऐसे सामने आए हैं , की वह अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना संक्रमित मरीज की जाने बचाने के लिए पूरी तरीके से तैयार हैं।  जी हां, अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केजीएमयू हॉस्पिटल में लगभग 55 कोरोना विजेताओं ने प्लाज्मा दान कर दिया है और भी कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए प्रयत्न कर रहें है।

यह दान तकरीबन 44 वर्ष के रतनपाल कोचर ने गुरुवार के दिन किया और उन्होंने इसके साथ यह भी कहा की यदि कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से मेरे प्लाज्मा के द्वारा किसी व्यक्ति की जान बच सकती है तो मैं प्लाज्मा दान क्यों नहीं करूंगा। मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात होगी की मेरे द्वारा किसी की जान बच जाएगी।

 

इस प्लाज्मा द्वारा मरीजों की जान बच सकती है। इस बात को केजीएमयू के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉक्टर तूलिका चंद्र के द्वारा पता चला। उन्होंने कहा की कोरोना के विनर प्लाज्मा को डोनेट करके जो मरीज इस बीमारी से जूझ रहे हैं, उनको बचा सकते हैं। उन्होंने इसके साथ यह भी बताया की वर्तमान समय में ज्यादा से ज्यादा लोग प्लाज्मा डोनेट करें और संक्रमित मरीजों को ठीक करने में सहायता करें। 14 दिन के पश्चात प्लाज्मा दान यह किया जा सकता है।

जाने कौन लोग कर सकते हैं प्लाज्मा दान ?

जो लोग स्वस्थ हैं, वह प्लाज्मा दान कर सकते हैं।

इसके साथ ही जेल में बंद व्यक्ति या फिर नशीले पदार्थ को लेने वाले प्लाज्मा दान नहीं कर सकते हैं

और 18 से 60 साल के कोरोना विजेता प्लाज्मा दान कर सकते हैं।

प्लाज्मा दाता का लगभग वजन 50 किलोग्राम से अधिक होना आवश्यक होगा।

इसके साथ ही प्लाज्मा दाता का जो Temperature
होगा वह ब्लड प्रेशर तथा प्लस नॉरमल होना आवश्यक होगा।

हिमोग्लोबिन की यदि बात की जाए तो इन व्यक्तियों की हिमोग्लोबिन तकरीबन 12 ग्राम से अधिक होनी चाहिए

और प्लाज्मा दाता को किसी भी तरीके का स्किन प्रॉब्लम नहीं होना चाहिए।

मां बनने के पूर्व जो महिलाएं प्लाज्मा दान करना चाहती हैं वह कर सकती हैं।

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