कोरोना काल में दो व्यक्तियों ने गांव के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का करा साहस।

कोरोना काल में दो व्यक्तियों ने गांव के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का करा साहस।

 

 

कोरोना महामारी के दौरान सभी बच्चों की शिक्षा पर प्रभाव काफी गहरा पड़ा तो इस दौरान दो व्यक्तियों ने कुछ अलग ही करने की ठानी, उन्होंने गांव में जो बच्चे इधर उधर घूम रहे थे, स्कूल ना खुलने के कारण उन बच्चों को एक स्थान पर ले जाकर शिक्षा देना प्रारंभ कर दी
और यह ज्ञान उन्होंने मुफ्त देना प्रारंभ किया।
देखते ही देखते इन बच्चों की तादाद बढ़ गई।   और अब वह बच्चे खेलने कूदने में अपना सारा समय व्यर्थ करने के बजाए अधिक समय बाग में शिक्षा प्राप्त करने पर देने लगे।

 

रोहित और फूलचंद्र जो कि मुसाफिरखाना क्षेत्र के
पूरे ऊदल मजरे दादरा गांव के रहने वाले हैं।
इन्होंने जब बच्चों को घूमते हुए इधर उधर देखा तो इनके मन में बच्चों को पढ़ाने का विचार आया।
इनके घर के बगल में स्थित एक बाग में उन बच्चों को पढ़ाना निःशुल्क प्रारंभ कर दिया।

ग्राम प्रधान सर्वेश सिंह ने बताया कि इनके इस प्रयास से उन बच्चों ने इधर-उधर खेलना कम कर दिया जो बच्चे अपना समय खेलकूद में व्यतीत आधिक करते थे और इनके इस मेहनत का फल सकारात्मक रूप से बच्चों पर पड़ने लगा। और धीरे-धीरे इन बच्चों की संख्या बढ़ती गई।

 

और विशेष बात तो यह है कि –

 

कोविड-19 के कारण सैनिटाइजेशन और मास्क तथा सोशियल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा गया।
रोहित और फूलचंद्र ने शिक्षा निःशुल्क प्रदान करने में अत्यधिक दिलचस्पी दिखाई इन्होंने फीस में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखाई इनका मकसद बच्चों को ज्ञान फ्री में बाटना है।

 

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