कोरोना के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन की वजह से बाधित रहा टीकाकरण, अब नर्सों द्वारा घर घर जाकर बच्चों का होगा टीकाकरण

लखनऊ, टीकाकरण समाचार: कोरोना महामारी  के मद्देनजर पूरे प्रदेश में लगाए गए लॉक डाउन की वजह से बच्चे टीकाकरण की प्रक्रिया से वंचित रह गए। आपको बता दें कि  22 मार्च से ही टीकाकरण ठप पडा हुआ था। जिस वजह से करीब महीने भर तक बच्चों का टीकाकरण नहीं हो सका। हालांकि अप्रैल महीने के अंत में अस्पतालों में टीकाकरण शुरू करने का आदेश पहुंच गया था जिसके बाद चार मई से राज्य के सभी अस्पतालों में टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

कई अस्पतालों में टीकाकरण की सुविधा शुरू करने के बावजूद कई बच्चे अस्पताल नहीं पहुंच सके। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों के मन में कोरोना बीमारी को लेकर उत्पन्न हुए भय को बताया जा रहा है। अस्पतालों में भीड़भाड़ के वजह से संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा हो सकता है और इस वजह से कई अभिभावक अभी भी बच्चों को अस्पताल ले जाने से हिचकिचा रहे हैं। टीकाकरण के अभाव में छोटे बच्चों पर दूसरी बीमारियों का खतरा मंडराना शुरू हो गया है। 

ऐसी परिस्थिति में बच्चों के टीकाकरण करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से नया रास्ता अपनाया गया है जिसके तहत अब घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग छूटे हुए बच्चों को खोजकर टीकाकरण कराने का फैसला किया है। जिसके मद्देनजर शहर से लेकर गांवों तक सर्वे किया जाएगा।

चूंकि बहुत से बच्चे टीकाकरण के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाए है, सर्वेक्षण के बाद वैसे छूटे हुए बच्चो को नर्स उनके घर जाकर टीका लगाएगी। 

सर्वे की प्रक्रिया और कुल समय

इम्यूनाइजेशन ऑफीसर व एसीएमओ डॉ. एमके सिंह द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक एक अक्टूबर से टीकाकरण से वंचित रहे बच्चों की खोज के लिए जनपद में सर्वे शुरू किया जाएगा। इस सर्वेक्षण के तहत लगभग 617 एएनएम, 2300 आशा व 1600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बचे हुए बच्चों के विषय में 15 अक्टूबर तक पूरी जानकारी प्राप्त करनी होगी। सभी जानकारी जुटाने के बाद उन बच्चों में जो भी टीका छूटा होगा, उसका नया शेड्यूल बनाकर उन बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाएग

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