कोरोना के मरीजों की संख्या में आई कमी।

कोरोना के मरीजों की संख्या में आई कमी।

 

उत्तर प्रदेश, ( कुलसूम फात्मा )
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितो की संख्या आए दिन बढ़ती ही जा रही है घटने का कहीं से भी नाम नहीं ले रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अच्छा संकेत नहीं है।
प्रदेश में मंगलवार को कुल संक्रमितो की संख्या 501311 पहुंच गई थी। इस संख्या को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि ऐसे ही मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो
यह कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सरकार तथा जनता दोनों ही के लिए अच्छा संकेत नहीं साबित होगा।
प्रमुख सचिव चिकित्सा तथा स्वास्थ्य आलोक कुमार के अनुसार 1 दिन में कुल मरीजों की संख्या में 149213 सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहें हैं।

उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों के पॉजिटिव केस दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। और संक्रमकों की यह संख्या मंगलवार को 501311 हो गई थी
और हर रोज कुल सैंपल जांच के लिए 149213 भेजे जा रहे हैं और मंगलवार को 16377058 सैंपल की जांच की जा चुकी है। इस तरह से पूरे प्रदेश में सिर्फ 24 घंटे के अंतर्गत कोरोना से जूझ रहे मरीजों के मामले 2112 आए और कुल संक्रमित मरीजों की संख्या में , कुल ठीक होने वाले मरीजों की संख्या मंगलवार 471204 थी
परंतु गुरुवार से यह आंकड़ा पलट गया और डिस्चार्ज होने वालों से अधिक पॉजिटिव पाए जाने वालों की संख्या हो गई।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम भी चल रहा है। इसलिए त्योहारों के दौरान लोगों को चाहिए की वह सतर्कता को बनाए रखें। जिससे कि कोरोना को हराने में सहायता मिले ।
उन्होंने वार्तालाप के दौरान बताया कि आज rtpcr के जरिए मंगलवार तक 72818 कोविड-19 के मरीजों को टेस्ट भी किया गया और शुक्रवार को जहां 1 दिन में 2183 लोग पॉजिटिव पाए गए, वहीं इस अवधि में डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 2005 ही रही।

शुक्रवार को 1 दिन में 156787सैंपंल की जांच की गई और अब तक 16841812 सैंपल की जांच की जा चुकी है। अब तक कुल ये संख्या 507426 हो चुकी है। हालांकि अब तक हुई मौतों की संख्या 7327 हुई है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में 24 कोरोना संक्रमित की मृत्यु हो गई।

जाने कोरोना संक्रमण का असर।

कोरोना वायरस के संक्रमण का असर सीधा जाकर फेफड़ों पर पड़ता है और फेफड़ों में पानी भर जाता है
जिससे कि फेफड़ों का वजन ज्यादा हो जाता है।
इस कारण लोगों में फाइब्रोसिस हो रहा है जिस को सही होने में 4 से 6 महीने लग जाते हैं।
और जिसके कारण मरीज सिर्फ ऑक्सीजन पर ही निर्भर हो जाते हैं, गोरखपुर में ऐसे मरीजों की संख्या 65 मिली है।
जो जून तथा जुलाई में नेगेटिव तो हो गये परंतु फिर भी घर में वह ऑक्सीजन पर ही आज भी निर्भर है।

शुक्रवार को जिले स्तर पर यदि देखा जाए तो कोरोना
से होने वाली मौतों के आंकड़े, राजधानी, लखनऊ तथा कानपुर और नगर के लिए काफी भारी रहे। दोनों जिलों में शुक्रवार को 04,04 कोरोना मरीजों की मृत्यु हो गई और मेरठ में 3 मरीज कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गए। वहीं यदि प्रयागराज की बात की जाए तो प्रयागराज में दो लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गई। यही वाराणसी में भी दो लोगों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई और गाजियाबाद, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर, खीरी, जौनपुर, मथुरा इटावा, मुजफ्फरनगर बस्ती तथा एटा में 1,1 कोरोना से संक्रमित हो कर मरे।

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