कोरोना ने लिया अपनी चपेट में लखनऊ शहर में एक यूनानी डॉक्टर को भी। थम गई सांसे।

लखनऊ शहर में एक यूनानी डॉक्टर को भी कोरोना ने लिया अपनी चपेट में थम गई सांसे। 

लखनऊ  इस शहर को  कोरोना ने  काफी नुकसान पहुंचाया है आज की खबर है कि कोरोना से संक्रमित एक यूनानी डॉक्टर की मौत हो गई जब मौत हुई तो 16 घंटे तक इनको वाहन नहीं उपलब्ध हो पाई। 

 

लखनऊ शहर में कोरोना वायरस  प्रकोप बहुत ही ज्यादा देखा जा सकता है यहां अस्पतालों में मौतें हो रही हैं बॉडी को शव वाहन मिलने  में दुश्वार हो रही है।

अस्पताल अब जब जाते हैं तो आपके  कोरोना मरीज संक्रमित ओं को बेड के लिए भी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है।

जिस वजह से यह देखा जाए लखनऊ शहर में व्यवस्था डगमगा रही है इस डगमगा रही  व्यवस्था की वजह से  मौतें लगातार बढ़ती जा रही है कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। 

वजह यह भी है कि लोग यहां पर जानते हुए भी लोग अनजान बनते जा रहे हैं  यह लोग ऐसे हैं जिनको ना तो अपना फिक्र है और ना ही परिवार का ना तो यह कोरोना  का कोई भी प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करते हैं नाही कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करते हैं। 

तेलीबाग निवासी डॉक्टर सैफउद्दीन अंसारी भी कोरोना संक्रमित थे यह कुछ दिन पहले इनको हल्का लक्षण कोरोना वायरस का देखा गया था लेकिन जब उन्होंने टेस्ट करवाया तो करोना पॉजिटिव पाए गए आज इनकी भी जिंदगी कोरोना वायरस की वजह से थम गई। 

लखनऊ शहर के यूनानी  मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे 43 वर्षीय चिकित्सक कुछ दिन पहले एक कोरोना  के गिरफ्त में आ गए उन्हें इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया यहां आयुष्य में इलाज चल रहा  था मंगलवार  11:30 बजे रात को चिकित्सक की भी मौत हो गई।

फिर इनके परिवार वालों ने शव वाहन को कॉल किया तो काफी देर तक इनको प्रतिक्रिया नहीं मिली जिस वजह से इन्हें  14 घंटे का इंतजार करना पड़ गया इस वजह से इनकी व्यवस्था में दिक्कतें आई तथा इनको मुश्किलों का सामना करना पड़ गया। 

संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने की सबसे बड़ी वजह लखनऊ वासी भी  है। 

 

कुछ लोगों को कोरोना  संक्रमित के कुछ हल के लक्षण पाए जाने पर उनको हॉस्पिटल्स में कुरानटाइन  कराया गया किया गया था उनको तो उस वक्त तो वह हॉस्पिटल में मौजूद थे लेकिन कुछ दिनों के बाद वह हॉस्पिटल से ही लापता हो गए इस वजह से अफरा तफरी मची हुई है क्योंकि इस तरह के कई कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिनका अता पता नहीं चल पा रहा है और वह लखनऊ के सड़कों पर घूम रहे हैं। 

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