कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ाने में कर रही है सहायता प्रदूषित हवा।

कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ाने में कर रही है सहायता प्रदूषित हवा।

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा )   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना का कहर अभी समाप्त नहीं हुआ कि अब प्रदूषण ने भी लोगों को खूब कस के गले लगाना प्रारंभ कर दिया है और यह प्रदूषण का लोगों को खूब कस के गले लगाना लोगों के जीवन के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
करोना से संक्रमित मरीजों को स्वच्छ ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है। वही जरूरत को देखते हुए दूसरी ओर वर्तमान समय में हवा मैं शुद्धता उपलब्ध नहीं रह गई है। इसलिए दिन पर दिन प्रदूषण के कारण कोरोना वायरस सक्रिय होता जा रहा है।

लखनऊ शहर के पीजीआई केजीएमयू तथा लोहिया समेत एल – 3 कोविड अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि अगर प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कोरोना की दूसरी लहर बहुत जल्द संक्रमित मरीजों के लिए अधिक घातक साबित होगी।
क्योंकि इन गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को ऑक्सीजन तथा वेंटिलेटर सपोर्ट की बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ रही है। पीजीआई तथा केजीएमयू और लोहिया समेत एल -3 कोविड अस्पतालों में 15 दिन पूर्व वह कम से कम 100 से अधिक वेंटिलेटर बेड खाली हो गए थे, परंतु वर्तमान समय में यह फिर कोविड-19 के मरीजों से भर चुके हैं।

मरीजों पर प्रदूषण का असर

कुरौना से जूझ रहे मरीजों पर प्रदूषण का असर बहुत ही नुकसानदेह साबित हो रहा है। क्योंकि यह प्रदूषित हवाओं में जाकर संक्रमण को दिन पर दिन बढ़ाने का ही कार्य करती है।
जो कि कोरोना से संक्रमित मरीजों पर ही सांस लेने की दिक्कत नहीं बल्कि जो कोरोना से संक्रमित मरीज नहीं है जिन्हें सांस की बीमारी है। वह भी इस दिक्कत का सामना कर रहे हैं।
डॉक्टर जो हाशिम बताते हैं कि ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत बहुत जल्द पड़ जाती है और प्रदूषण से खासकर अस्थमा तथा टीबी के मरीज खासी सतर्कता बरतें।

संजय भटनागर जोकि सीएमओ है।
उनसे जब बात की तो उन्होंने बताया कि लखनऊ में हर दिन करीब 250 संक्रमित मरीज मिल रहे हैं।
और इन मरीजों को कम से कम 50 से 60 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जिसमें करीब 5 से 6 को आईसीयू की आवश्यकता पड़ी।
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ श्रीकेश सिंह के अनुसार आईसीयू के यहां पर भी काफी खाली हो गए थे। परंतु धीरे-धीरे इन संक्रमित ओं की संख्या में बढ़ावा आया और बहुत जल्दी ये बेड भर गए।

अब कोरोना से बचने के लिए और भी रखना पड़ेगा ख्याल

जब घर से बाहर निकले तो मास्क को बार बार मुंह से ना हटाए और घर से निकलते समय मास्क को ठीक तरह से लगाएं। धुआ फेंकने वाले वाहन तथा कारखानों से दूर ही रहे तो अच्छा है। साथ ही कूड़ा और कबाड़ को जलाने से बचें। इससे हवा को प्रदूषित होने के चांसेस अधिक होते हैं। और पटाखे का भी प्रयोग दीपावली में करने से बचें।

Leave a Comment