कोविड-19 के समय में दुनियावी तालीम के साथ-साथ, अब दीनी तालीम भी ली जाएगी। मोबाइल ऐप के जरिए।

कोविड-19 के समय में दुनियावी तालीम के साथ-साथ, अब दीनी तालीम भी ली जाएगी। मोबाइल ऐप के जरिए।

 

 

कोरोना महामारी के वजह से दुनियावी तालीम हासिल करने वाले बच्चों के साथ साथ दीनी तालीम हासिल करने वाले बच्चों की भी तालीम पर रोक लग गई थी।

दुनियावी तालीम के साथ-साथ दीनी तालीम भी हासिल करने का तरीका बदल रहा है। अब मदरसे में बच्चे अपने मोबाइल ऐप के जरिए दीनियात और क़ेरत, कुरान पढ़ना सीख सकेंगे और उनकी छोटी-छोटी बारीकियों को भी मोबाइल ऐप के जरिए सही कर सकेंगे

 

पाठ्यक्रम में उनके शामिल एनसीईआरटी की किताबें भी होंगी।

इस मोबाइल ऐप को तैयार करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से यूपी डिस्को को सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त तथा स्वीकृति और अस्वीकृत मदरसों के लाखों बच्चे इसका फायदा उठाएंगे और इस मोबाइल एप पर एनसीईआरटी की किताबें भी मौजूद होंगी तैतानियां और फोकानिया के बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी ,गणित, सामाजिक विज्ञान, की शिक्षा किताबों से दी जा रही है। और इसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा परिषद की है। बेसिक शिक्षा विभाग सर्व शिक्षा अभियान के अनुसार निशुल्क किताबें देता है। उच्च स्तर के मदरसों में विकल्प के तौर पर विषय गणित, विज्ञान और कंप्यूटर इतिहास भूगोल सब्जेक्ट को अनिवार्य विषयों में लागू करते हुए सभी स्तर के मदरसों में आधुनिक विषयों के लिए एनसीईआरटी का सिलेबस पूरी तरह से लागू करने के मदरसा बोर्ड के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी थी। परंतु यह कहना था की हिन्दी, अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषयों की किताबें उर्दू में ही होंगी जिससे कि उर्दू ज़बान को मजबूती मिले और बच्चे उसे पढ़कर रवानगी जल्दी कर सकें तथा इस तरह से वह उर्दू को जल्द से जल्द सीखेंगे। और उर्दू बोर्ड का मकसद भी बना रहेगा।

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