गोरखपुर से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस यह शख्स आई एस आई के लिए काम करता था। 

गोरखपुर से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस यह शख्स आई एस आई के लिए काम करता था। 

पाकिस्तानी आका को व्हाट्सएप ऐप ग्रुप पर तस्वीर भेजा ता था गोरखपुर का आईएसआई जासूस।

फिलाल तो कई लोगो के नंबर एटीएस के रडार पर आगये है।

आई एस आई के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए एक शख्स गोरखपुर से निकला यह शख्स आई एस आई के लिए काम करता था।

आईएसआई पाकिस्तान का एजेंट होता है और यह गुपचुप तरीके से लगातार अपने नापाक इरादे पर लगातार गंभीरता से काम करते जा रहा था यह एजेंट किसी बड़े आतंकवादी घटना करने के लिए लगातार प्लान बिछा रहा था।

जिसे हमारे एटीएस के कर्मचारियों ने रंगे हाथ पकड़ लिया था यह पाकिस्तानी जासूस अपने आका को यहां से लगातार संवेदनशील

जानकारियां भेज रहा था।Header

 

 

गोरखपुर से पकड़ा गया यह शख्स व्हाट्सएप ग्रुप अपने पाकिस्तानी आकाओं को सुरक्षा के लिए लिहाज से संवेदनशील जगहों की तस्वीरें भेजता था ऐसी एक तस्वीर भेजने पर उसे ₹5000 मिलते थे ऐसी कई बातों का खुलासा आईएसआई जासूस ने एटीएस की पूछताछ में किया है।

 

 

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में इस शख्स को हनीट्रैप फसाकर हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते थे।

isi आतंकवादी करने वालों ने उसी के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ऐप बनवाया था जिसे यह आतंकवादी पाकिस्तान के लोग भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे थे तस्वीर उसी ग्रुप में साझा की जाती थी जिस ग्रुप से या एजेंट जुड़ा हुआ था और ग्रुप स्नेही बनाए थे इस ग्रुप में कई पाकिस्तानी नंबरों के साथ कुछ भारतीय नंबर भी जुड़े हुए हैं।

ATS जिसे अपने स्तर पर लगातार जांच पड़ताल कर रही है।

यह नंबर जिन लोगों के हैं उनका संबंध भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से होने का  है गोरखपुर से पकड़े गए जासूस का राज इस साल जुलाई में कश्मीर से पकड़े गए एक पाकिस्तानी एजेंट ने खोला पूछताछ और उसके मोबाइल कॉल डिटेल से इस शख्स के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली इसके बाद से उस पर निगरानी रखी जाने लगी 3 दिन पहले एटीएस की टीम से गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास से हिरासत में लिया था।

 

  • हालांकि बाद में पता चला कि अब उसे छोड़ दिया है.

लेकिन इसके जाल में पकड़े गए इस शख्स ने बताया कि उसके रिश्ते की बहन की शादी पाकिस्तान की कराची शहर में किसी ने 2000 में हुई थी।

शादी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गया था उसके बाद उसकी सगी बहन की शादी भी कराची में ही शाहिद नाम के शख्स के साथ हो गई इसके बाद लगातार 4 साल तक पाकिस्तान आता जाता रहा।

रेड लाइट एरिया मै  तरह से वह लगातार भारत के कुछ संवेदनशील तस्वीरें भेजता रहा वह कम से कम चार पांच बार पाकिस्तान की यात्रा की 2018 के अंतिम महीने में वह आखरी बार पाकिस्तान गया था।

 

इसी दफा ISI ने उसे अपने जाल में फंसा लिया और उसे भारत के खिलाफ ही यूज करना आरंभ कर दिया उसके द्वारा बनाए गए रणनीति के तहत कराची के रेड लाइट एरिया में ले जाकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीर खींची गई।

 

उसके बाद उसे ब्लैकमेल किया गया जिससे वह उस आईएसआई एजेंट के झांसे में आ गया और हुआ काम लगातार करता रहा इसके बाद उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा ब्लैक मेलिंग के जरिए आईएसआई  ने उसे जासूसी करने के लिए मजबूर कर दिया जासूस ने पूछताछ में एयर फोर्स स्टेशन कूड़ाघाट स्थित गोरखा रेजीमेंट और रेलवे स्टेशन का फोटो भेजने की बात कबूल की।

 

 

लेकिन कोई इलेक्ट्रॉनिक्स और साक्ष्य नहीं मिलने पर एटीएस ने उसे छोड़ दिया हालांकि टीम उसके साथ ही कुछ और लोगों को भी रडार पर लेकर नजर रखी थी और अभी भी कई ऐसे लोग हैं जो इन लोगों के रडार पर हैं जो कि ISI  के लिए  है।

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