डॉक्टर भी इसकी चपेट में आने लगे : पीजीआई लखनऊ के। “कोविड-19” से डॉक्टर भी पॉजिटिव आने लगे हैं पिछले 3 दिन में 5 डॉक्टर पॉजिटिव आए हैं

लखनऊ पीजीआई में तैनात डॉक्टरों में भी  कोरोना  का खतरा गहराता हुवा  अब  भी डॉक्टर कोरोना  पॉजिटिव आने लगे है। इस 3 दिन में 5 डॉ का रिपोर्ट पॉजिटिव मिला है।

डॉक्टर कहते हैं पीपीई किट फट जाती है इसे संक्रमण का खतरा बढ़  रहा हैं। 

 योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में कोरोना  का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रफ्तार इसकी दोगुनी है फिलाल हर दिन 2000 से ज्यादा केस आ रहे हैं। 

अब डॉक्टर भी इसकी चपेट में आने लगे पीजीआई लखनऊ के कार्य रत डॉक्टर्स  भी कोविड-19 के शिकार होते जा रहे है। 

कुछ डॉक्टर भी पॉजिटिव आने लगे हैं पिछले 3 दिन में 5 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव आए हैं। 

गुरुवार को कोविड-19 वार्ड में  कार्यरत एक डॉक्टर जिनका नाम शशांक पांडे और सौमित्र मिश्रा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है.

जब उन्हें शक हुआ कि  उनका कुछ लक्षण कोरोना का लक्षण दिख रहा है उन्होंने फ़ौरन टेस्ट करवाया  तो वह पॉजिटिव टेस्ट आया। 

 

कोविड-19 वार्ड के स्टाफ तथा डॉ काफी डर गए हैं यह स्थिति  रही तो डॉक्टर भी शायद सारे पॉजिटिव कुछ दिनों में कोविड-19 से ग्रसित हो जाएंगे इनके साथ काम कर रहे कुछ डॉक्टर का भी कहना है कि वह भी  पांडे के साथ कुछ दिनों से लगातार काम कर रहे थे जिस वजह से  वह भी भयभीत हो चुके हैं कि हो सकता है कि उनके अंदर भी कुछ लक्षण आ गए हो करोना के 

अभी तो उन्होंने भी टेस्ट करवाया है जो इनके संपर्क में था उन्होंने अपने टेस्ट को करवाया भी और सुचना भी दिया अन्य को की उनके संपर्क में जो भी आय है तो कृपया वो भी टेस्ट करवाये इसके तहत कुइछ लोगो मने टेस्ट करवायें है और अभी तक रिपोर्ट नहीं आया है उनके पास अब आगे क्या होता है रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। 

पिपिइ किट है ख़राब क्वालिटी की।  

कुछ डॉक्टर से बातचीत में उन्होंने बताया कि अच्छी क्वालिटी की किट नहीं है जो कि उनके पास उपलब्ध कराया जा रहा है वह ज्यादातर पहनने पर वह फट जा रही है जिस वजह से कोविड-19 के संक्रमण का खतरा भी उसी तरह से बढ़ जा रहा है।  

 

तथा कुछ डॉक्टर्स अपने परेशानी को हमें बताते हुए उन्होंने बताया कि कि लगातार कीट पहनने से उन्हें चक्कर भी आने लगती है  .

तथा काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे सर चकराना गर्मी महसूस करना और पानी पीने वगैरा या कुछ और चीजें को लेने  में काफी परेशानियां और  दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

डॉक्टर्स बताते है की जहां उनकी 4 घंटे की ड्यूटी लगती थी अभी 6 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं यह सारी समस्या बन रही है।

कुछ और डॉक्टर्स से हमारी बात चित में उन्होंने बताया की इस बढ़ते संक्रमण को कोई नहीं रोक सकता है। उन्होने राज्य सरकार की कोशिसो का हवाला देते हुवे कहा की जब तक आम आदमी नहीं समझता इस बीमारी को तब  तक दुनियां का कोई गोवेर्मेंट कुछ नहीं कर सकता क्यू की यहाँ पर लोग समझ कर भी समझना नहीं चाहते है।

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