नवाबों के शहर में बिजली गुल कर रहा है पतंग उड़ाने का शौक।

नवाबों के शहर में बिजली गुल कर रहा है पतंग उड़ाने का शौक।

 

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा ) नवाबों का शहर लखनऊ खाने-पीने के मामलात के अलावा पतंग उड़ाने के शौक रखने वाले लोगों से भी जाना जाता है।
अपने इस शौक को पूरा करने वाले लोग शाम के वक्त जाकर पतंग उड़ाते हैं और उन पतंगों से लिपटे हुए तार जाकर के बिजली की लाइन से लिपट जाते हैं जिससे कि
हर माह 18 से 20 बार लाइन ट्रिप होती है। जिसके कारण लोग परेशान होते हैं और इस लाइन को चालू करने में तकरीबन 2 से डेढ़ घंटे तो लग ही जाते हैं। यही नहीं इस व्यवस्था को दुरुस्त करने में पूरे वर्ष में तकरीबन 4 करोड रुपए का खर्च हो जाता है।

जाने लाइन ट्रिप होने का कारण।

शौकिया लोग पतंग उड़ाते हैं और उस पतंग से बंधे तार जैसे ही लाइन से टच होते हैं लाइन कंडक्टर उड़ जाता है और एक काला दाग उस पर पड़ जाता है जिसे बदलने या पेड़ लगाने पर बिना लाइन दोबारा से चालू करने पर किसी वक्त भी जा सकती है और लाइन को चालू करने में ट्रांसमिशन बंद करना पड़ता है तथा दोनों नोक पर टावर लगाकर तकरीबन 11 ,12 कर्मचारियों की सहायता ली जाती है और फिर मरम्मत होती है।
और इसी तरीके से बिजली घरों के साथ भी होता है जो कि चाइनीस पतंग के तार गिरने के पश्चात बिजली घर के यार्ड में लगा कोई सा भी पावर ट्रांसफॉर्मर कितने भी हजार की बिजली गुल कर सकता है।
खुद से ही लोग ऐसा कार्य करते हैं कि जिससे बिजली गुल हो और फिर बिजली जब गुल हो जाती है तो बिजली कार्यालयों के कर्मचारियों को जिम्मेदार इसका ठहराते हैं।
इस तार के जाल से बचने के लिए लखनऊ के नए नूड़ बाड़ी बिजली घर के यार्ड में जाल लगवा दिया गया है जिससे की इस कारण से बिजली गुल न हो।

यह सिलसिला तकरीबन डेढ़ दशक से चल रहा है। चाइनीस तार तथा लोकल तारों को लोग स्कूटर के क्लच वायर में इस्तेमाल करते हैं। और इस चाइनीस तार को बांधकर पतंग के साथ भी उड़ाया जा रहा है।
पतंग उड़ाने का शौक रखने वाले लोगों का कहना है कि इससे पतंग बहुत ही अच्छी उड़ती है ट्रांसमिशन से जुड़े हुए इंजीनियर से कहते हैं की पारेषण लाइन जो 3 फेस की है, उस पर यदि तार बंधी पतंग गिर जाती है तो लाखों का नुकसान हो जाता है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के घरों से बिजली भी गुल हो जाती है

जाने ट्रांसमिशन लाइन तथा बिजली घर।

मेहताब बाग में जाल लगा है
और गुलाला घाट हरदोई रोड 220 केवी,
हनुमान सेतु,
टिकैत राय तालाब,
मार्टिनपूरवा,
एसजीपीजीआई है।
इसके अलावा चौक में विक्टोरिया पावर हाउस ,नादान महल बिजलीघर तथा डालीगंज अपट्रान ठाकुरगंज रेजिडेंसी खंड के कई बिजलीघर हैं।

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