नंबर 112

पुलिस की सहायता मांगने वाला नंबर 112 अब करेगा हर भाषा में बातचीत।

पुलिस की सहायता मांगने वाला नंबर 112 अब करेगा हर भाषा में बातचीत।

 

आपातकालीन सेवा नंबर 112 अपनी संवाद की प्रक्रिया को और भी बेहतर बनाने की तैयारी मे है। अभी तक आपात सेवा नंबर 112 पर सिर्फ हिंदी और इंग्लिश भाषा में ही बातचीत करना संभव थी। परंतु यूपी आपातकालीन सेवा नंबर 112 अब भोजपुरी अवधी ब्रज व बुंदेली आदि क्षेत्रीय भाषाओं में भी बातचीत करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रहा है बताया जा रहा है कि पुलिस की सहायता के लिए 112 पर फोन करने पर आपसे बातचीत आपके ही क्षेत्रीय भाषा में की जाएगी।

 

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी जी से वार्तालाप करने के पश्चात पता चला कि उसी एरिया की भाषा में बातचीत करने के लिए उसी एरिया के अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे ताकि भाषा में बातचीत करने में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
साथ-साथ 112 पर मिलने वाली सूचना पर सख्ती से कार्रवाई करने की जल्द से जल्द व्यवस्था की गई और उसको और भी बेहतर बनाया जाए इस बात का निर्देश दिया गया।

इमरजेंसी नंबर 112 पर प्रतिदिन कॉल लगभग प्रतिदिन 15 से 17000 आ जाती है। एडी जे असीम अरुण ने बताया कि यह लोग पुलिस से सहायता मांगते हैं जिनमें क्षेत्रीय भाषाओं में मदद मांगने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक होती है। जिनमें ग्रामीण महिलाएं अपनी समस्या को अपने ही भाषा में बताती हैं और जवाब अपने ही क्षेत्र की भाषा में सुनना पसंद करती हैं। उनकी बातों का जवाब भी अब उनकी ही भाषा में संवाद प्रक्रिया द्बारा और भी
बेहतर बना करके दिया जाएगा जिससे कि शिकायतकर्ता को पुलिस के प्रति अपनेपन का आभास होगा।

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