बढ़ते कोरोना केस को देखकर जारी किया गया मास टेस्टिंग करने का आदेश, बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं का रखा जाएगा खास ख्याल

लखनऊ: देश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि इससे ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भी दिनों दिन  बढ़ोतरी देखने को मेल रही है। बढ़ते कोरना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम पूरे जोर शोर से चल रहा है जिसका मकसद इस बढ़ते संक्रमण को रोकना है। 

मिली जानकारी के अनुसार ​​​​​जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा स्मार्ट सिटी सभागार में कोविड नियंत्रण के विषय को लेकर बैठक की गई। बैठक के दौरान कई तरह के निर्देश दिए गए जिनमें बाकी के मरीजों के अलावा 60 साल की उम्र पार कर चुके लोग के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की कोरोना टेस्ट करवाने के निर्देश शामिल थे। जारी किए गए इन निर्देशों के पीछे का उद्देश्य समय रहते इस बीमारी की पहचान कर मरीजों में इस वायरस के खतरे को कम करना है। इसके अलावा जिन रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा उन पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। इस कार्य हेतु प्रत्येक इंचार्ज को सीएचसी पर तैनात किया जाएगा।

इस विषय पर डीएम द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार कोरोना बीमारी से संक्रमित मरीजों की पूरी जानकारी निकाली जाएगी, जिसमें उस व्यक्ति के निजी जानकारी जैसे वह पिछले दिनों कहां कहां गया था या किन-किन लोगों से मिला है शामिल होंगे। उन्हीं जानकारियों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ के जिन जिन इलाकों से अधिकतम केसेस आ रहे हैं वहां पर मास टेस्टिंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान कहीं डाटा फीडिंग कम पाई गई जिस वजह से  जिम्मेदार व्यक्ति को उन्होंने फटकार लगाई। 

इन सबके साथ साथ डीएम ने निर्धारित की गई सर्विलांस टीमों में टेस्टर लगाकर उन्हें खुद को पूरी तरह से टेस्टिंग एक्यूप करने का आदेश दिया।

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