बाबरी मस्जिद विध्वंस के फैसले के मद्देनजर बदल दी गई यातायात सेवा, कमता अवध बस स्टेशन बना बसों का अड्डा

लखनऊ: गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस  जो 28 साल पुराना मामला है उस पर आज फैसला आ चुका है।  सीबीआई की अदालत ने इस मामले में पाए गए दोषी लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, नृत्य गोपाल दास, कल्याण सिंह समेत 49 लोगों को यह कह कर रिहा कर दिया की बाबरी मस्जिद की विध्वंस की घटना पहले से नियोजित नहीं थी। यह घटना अकस्मिक ही घटित हुई थी।

साथ ही साथ उन्होंने इस बात का भी वर्णन किया की जहां एक ओर आरोपियों में से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर इस घटना से जुड़े 50 गवाह भी अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं।  जिस वजह से आरोपियों के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है।

अयोध्या के विवादित ढांचे के विध्वंस से जुड़े फैसले आने के मद्देनजर पूरे प्रदेश में प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। 

जारी किए गए हाई अलर्ट के तहत लखनऊ शहर में यातायात व्यवस्था को भी कुछ वक्त के लिए बदल दिया गया है। सबसे पहला बदलाव कैसरबाग बस अड्डे से जुड़ा है क्योंकि सुरक्षा के मद्देनजर इस बस अड्डे से बसों की आवास जाही रोक दी गई है। जहां एक ओर सीतापुर रूट की बसें मडियांव में रोकी जा रही है तो वहीं दूसरी ओर अयोध्या रूट की बसों को शहर के बाहर स्थित कमता चौराहे के अवध बस अड्डों पर  रोका जा रहा है।

शशिकांत जो बस स्टेशन के इंचार्ज है ने बयान जारी कर बताया की बसों का संचालन उन्हें कुछ वक्त के लिए अधिकारियों द्वारा रोकने को कहा गया है।  परिणाम स्वरूप बसों का आवाजाही जो शहर के भीतर हुआ करती थी, कुछ समय के लिए उन पर रोक लगा दी गई है। जिस वजह से सड़कों पर किसी भी बस का परिचालन नहीं हो रहा है।

सुरक्षा केवल यातायात के मद्देनजर से ही पुख्ता नहीं की गई है बल्कि शहर के जितने भी संवेदनशील जिले हैं वहां भी 70 कंपनी पीएसी को तैनात किया गया है। जिनका एकमात्र उद्देश्य सुरक्षा प्रबंध को और भी ज्यादा मजबूत करना है।

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