बीएड और बीटीसी कॉलेजों का दिया जांच का आदेश।

बरसों से उलझे हुए सवालों के मिलेंगे अब जवाब ,

शासन में बीएड और बीटीसी कॉलेजों का दिया जांच का आदेश।
प्रमुख सचिव बीएल मीणा जी ने जारी आदेश में कहा कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल के किसी एक जनपद के नही बल्कि सभी निजी बीएड और बीटीसी कॉलेजों की जांच की जाए और जांच में इतनी सख़्ती हो कि प्रत्येक हर एक बिंदुओं पर जांच हो
प्रमुख सचिव बीएल मीणा जी ने बताया कि पहले चरण में 18 जिलों में प्रदेश के कॉलेज की जांच के लिए मैंने घोषणा कर दी है।और यह जांच समाज कल्याण के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र करेंगें और वह जनपद यह होंगें

 

बरेली, एटा ,मुरादाबाद ,मथुरा ,मेरठ ,मुजफ्फरपुर और बस्ती अंबेडकर नगर, कानपुर नगर, लखनऊ, गोंडा, गाजीपुर, संतकबीर, नगर जिलों की जांच तथा प्रयागराज, मिर्जापुर, झांसी, बांदा एवं औरैया की जांच पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के उप निदेशक अजीत प्रताप सिंह करेंगे।

इस आदेश के पश्चात चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबंधित जिलों के 400 से ज्यादा बीटीसी B.Ed कॉलेज घेरे में आ गए हैं।

आइए जाने कैसे की जाएगी जांच?

इस जांच में जिलों में ऑडिटर एवं अन्य स्टाफ ले जा सकेंगे और प्रत्येक जिले में एडीएम भी नियुक्त होगा। और
जांच की रिपोर्ट 7 दिन के भीतर दी जाएगी।

1. इस जांच में कॉलेजों की मान्यता तथा कोर्स की संबद्धता, स्वीकृत सीट ,और शुल्क से संबंधित जानकारी प्राप्त की जाएगी।

2. नियुक्त शिक्षकों की न्यूनतम अर्हता

3.कार्यरत शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता

4. – वह भूमि पर जिस पर कॉलेज चल रहा है उस भूमि पर अन्य प्रकार के संस्थानों का सत्यापान

5. कॉलेज में टीचर के लिए टीचिंग के कक्ष

7.19 से 20 और 20 से 21 के बीच हुए एंट्रेंस की नियत तिथि

8.प्रवेश हेतु न्यूनतम कटऑफ,

9. एससी एसटी के लिए सीटों और छात्रों के आरक्षण नियमों के अनुसार प्रवेश।

आदि की जांच कर जानकारी दी जाएगी।

माना जा रहा है कि जांच के पश्चात उपर्युक्त बातों में यदि कोई गड़बड़ी निकलती है तो B.ed और बीटीसी कॉलेज में ताले लटकेगें ।

क्योंकि अधिकांश कॉलेज में स्टाफ की नियुक्ति केवल कागजों पर है और मानकों के अनुसार सैलरी नहीं दी जाती है उनको ।

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