बड़ी खुशख़बरी प्रदेश के युवाओं के लिए सुन-हरा अवसर योगी  आदित्यानाथ ने दी है नौकरी की गारंटी अब हर एक घर मिलेगी नौकरी ,देखे यँहा कँहा कितनी भर्ती ,भर्तियों के चौतरफा रास्ते सरकारी विभागों में खोल दिए हैं।

  • बड़ी खुशख़बरी प्रदेश के युवाओं के लिए सुन-हरा अवसर योगी  आदित्यानाथ ने दी है नौकरी की गारंटी अब हर एक घर मिलेगी नौकरी ,देखे यँहा कँहा कितनी भर्ती ,भर्तियों के चौतरफा रास्ते सरकारी विभागों में खोल दिए हैं।

 

उत्तर प्रदेश, के मुख्यमंत्री योगी आदित्य-नाथ, ने जल्द से जल्द भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिया  है हालांकि आपको यह भी बता दें कि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग विपक्षी दल पक्ष सरकार के अलग-अलग मुद्दों को भेजते हुए उत्तर प्रदेश में विभिन्न मुद्दों के साथ विपक्षी दल बेरोज़गारी का मुद्दा जोरशोर से उठा रही है जिसके जवाब में योगी आदित्य-नाथ को एक बहुत ही बड़ा महत्वपूर्ण कदम उठाना पड़ा और उन्होंने एक बेहतरीन कदम उठाते हुए भर्तियों के चौतरफा रास्ते में सरकारी विभागों  मैं नौकरी को देते हुए उठाया बता दें सितंबर तक 11000 9608 रिक्त स्थानों को चिन्हित किया गया है जिसमें मुख्य सचिव के बराबर होगा रोज़गार आयुक्त पद लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश के सभी युवाओं को रोज़गार मिले तथा हर घर घर में एक सरकारी नौकरी दिया जाए जिससे उन घर की तथा राज्य सरकार की भी मदद यथासंभव की जाएगी। 

 

लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि हर घर में कम से कम एक युवा नौकरीशुदा ज़रूर हो। इसके लिए सरकार एक नया नियामक आयोग बनाने की तैयारी में है। रोज़गार की गारंटी वाले इस प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए सरकार संवैधानिक संस्था के रूप में रोज़गार आयोग का गठन करने पर विचार कर रही है। इस आयोग के मुखिया रोज़गार आयुक्त होंगे। उनका पद मुख्य सचिव के समतुल्य होगा। रोज़गार एवं प्रशिक्षण, उद्यिमता विकास, कौशल सुधार, मनरेगा और अलग-अलग विभागों द्वारा कौशल विकास के लिए जारी प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के कार्यक्रम इस आयोग के अधीन होंगे। रोज़गार आयुक्त इन सभी विभागों के लिए समन्वयक का काम करेंगे। उन्हें यह अधिकार होगा कि वह रोज़गार व कौशल प्रशिक्षण से संबंधित निर्देश किसी सरकारी विभाग, निजी संस्था, उद्योग या कंपनी को दे सकेगा। इसमें सरकारी सेवा से लेकर ग़ैरसरकारी और निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोज़गार शामिल हैं। निजी क्षेत्र में देश और विदेश में उपलब्ध रोज़गार के मौके उप्र के युवाओं को उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार उनको प्रशिक्षण भी देगी।

 

प्रस्तावित आयोग प्रदेश में उपलब्ध होने वाले रोज़गार के सभी अवसरों पर नजर रखेगा। साथ ही यह भी तय कराएगा कि नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता से हों। उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के बाद नौकरी या स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं को बैंकर्स से समन्वय स्थापित कर सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण दिलाया जाएगा। विभिन्न देशों के दूतावासों से संपर्क कर वहां उपलब्ध रोज़गार के अफ़सरों के लिए आयोग रोज़गार मेलों का भी आयोजन कराएगा। मनरेगा के तहत जिस तरह सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन रोज़गार की गारंटी देती है, उसी तरह की गारंटी शहरों और कस्बों में रहने वाले हर परिवार के एक सदस्य को रोज़गार देने की होगी। इसके द्वारा अध्यक्ष उप-मुख्यमंत्री होंगे।

लॉकडाउन के दौरान बन गई थी भूमिका। 

 

लॉकडाउन के दौरान जब दूसरे प्रदेशों से युवा आए, तब सरकार ने सभी जिलों में स्किल मैङ्क्षपग कराई। उसी दौरान योगी ने रोज़गार आयोग के गठन की बात कही थी। अब इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

 

सितंबर तक 1,19,608 रिक्त पदों का आया आंकड़ा। 

 

विकास कार्यों को रफ्तार देने का वादा कर चुके मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अब रोज़गार देने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। पिछले दिनों खाली पदों पर भर्तियों के लिए विभिन्न बोर्ड और आयोगों के साथ बैठक करने के बाद सरकार ने सरकारी विभागों में खाली पदों का आंकड़ा खंगालना शुरू कर दिया है। सितंबर तक 1,19,608 खाली पदों का ब्योरा जुटाया जा चुका है। लगभग इतने ही पदों पर पदोन्नति भी लंबित है। भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य-नाथ ने दे दिए हैं।

 

अगर हम आंकड़े पर नजर डालते हैं तो रिक्तियां इस प्रकार से हैं। 

 

सीधी भर्ती के खाली पद : 119608

इतने पदों पर होनी है पदोन्नति : 31477

आयोग में लंबित रिक्तियां : 26151

यह हैं प्रमुख विभागों में खाली पद

 

राजस्व : 20554

परिवहन : 16652

पंचायती राज : 10517

लोक निर्माण : 5534

समाज कल्याण : 2503

खाद्य एवं रसद : 2460

गृह : 2362

आवास : 2183

स्टांप पंजीयन : 3180

कारागार प्रशासन एवं सुधार: 5141 

 

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