लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश जहां कोरोना संक्रमित की संभवाना वहां ले फ़ौरन एक्शन। 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश जहां कोरोना संक्रमित की संभवाना वहां निगरानी टीम छानबीन कर करे पहचान । ले फ़ौरन एक्शन। 

लखनऊ राज्य में कोरोना  के बढ़ते हुए संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश जारी किया है कि जिन भी क्षेत्रों में कोविड-19 से संक्रमित मरीज या व्यक्ति मिले वहां निगरानी टीम ठोस कदम उठाते हुए उनकी पहचान करके “कोरेन्टीन  सेंटर” में उनको भर्ती कर वाया।

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य “अमित मोहन प्रसाद” ने बताया कि योगी ने आदेश दिया कि जिन क्षेत्रों में कोविड-19 के मरीज हैं तथा जो संक्रमित छेत्र  हैं निगरानी टीम वहां घर जाकर उनका जांच करें।

प्रमुख स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित मोहन प्रसाद
प्रमुख स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित मोहन प्रसाद

और हर एक व्यक्ति की पहचान भी करें तथा अगर घर-घर जाकर उनकी पहचान की जाती है तो अति शीघ्र कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि भी हो सकती है।

 हो सकता है अच्छा इलाज उनकी पहचान कर उनको उचित व्यवस्था कर उनका इलाज भी हो सकता है।

कोरोना। ऐसे लोगों की पहचान करके जिनमें लक्षण है।  अमित मोहन प्रसाद ने कहा की ऐसे लोगों की जांच कराई जाएगी जिनमें थोड़े बहुत भी लक्षण “कोविड-19″  के पाए जा रहे हैं।

योगी ने  कहा कि आदेशानुसार हर जिले में और अस्पताल पहले से ज्यादा चुस्त हैं जिनमें कुल मिलाकर करीब सवा लाख से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था भी है।

अपर सचिव ने बताया कि उचित” एंटीजन “फैसिलिटी की व्यवस्था की गई है। कई क्षेत्रों में जैसे लखनऊ ,बलिआ,गोरखपुर,कानपूर,फैज़ाबाद ,इन जगह पे प्राइवेट होटल तथा रिसॉर्ट से कॉन्ट्रैक्ट भी  किया गया है।

और उस हॉस्पिटल के बजाय होटल्स तथा रिसोर्ट में मरीजों को भर्ती कराया जाएगा। 

लेकिन इसमें कई बातें भी सामने खुलकर आ रही हैं।

जैसे कि डबल ऑक्युपेंसी वाला होटल्स दो लोगों के रहने के लिए ₹2000 प्रतिदिन खर्च आएगा यानी एक व्यक्ति को 1 दिन का ₹1000 देना होगा अगर 10 दिन वहां रहे तो रहने और खाने का ₹10000  पर प्रतीमाह तक चिकित्सा एवं भोजन का देना होगा।

उन्होंने ये  भी कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि बहुत से लोग जानते बूछते हुए बीमारी को छुपा रहे हैं।  

राज्य सरकार ने सारी परिस्थति को देखते हुए दिल्ली मॉडल पर तर्ज अपनाया है कि ऐसे लोग जिन्हें बाहर नहीं जाना और वह इन खर्चों को नहीं कर पाएंगे तो उनके लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था करी जा रही है।

राज सरकार ने इसे आदेश तो दे दिया है।

लेकिन अभी देखते हैं कि जमीनी स्तर पर यह कितना कारगर होता है क्योंकि हर घर में दो बाथरूम की व्यवस्था नहीं होती है उस स्तर पर आप आइसोलेशन जो व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित है उसे आप सुयोचित रूप से कैसे करेंगे यह सारी व्यवस्था पुनः विचार करने के लिए है।

फिर भी राज्य सरकार इस पर विचार विमर्श कर रही है और आने वाले समय में इसका कोई ठोस कदम उठाते हुए कई  निर्णय के साथ कार्य  होगा।

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