मौसम विभाग- पूरे सितंबर बारिश होने की शंका ला-नीना का खतरा तापमान में गिरावट हवा बदलने  इस साल जल्द होंगे ठंड।

मौसम विभाग-तापमान में गिरावट हवा बदलने  इस साल जल्द होंगे ठंड पूरे सितंबर बारिश होने की शंका ला-नीना का खतरा 

जहां बारिश से सभी लोग थोड़े चैन की सांस ले रहे हैं क्योंकि इस गर्मी में आपने देखा ही किस तरह गर्मी से व्याकुल थे वहीं मौसम विभाग ने संदेश जारी करते हुए बताया है अगस्त में हुई अधिक वर्षा हवा की दिशा में परिवर्तन और समुद्र की सतह का पानी ठंडा होना लाल-नीना  के होने का आशंका जता रही है। 

इस साल जल्द होंगे ठंड पूरे सितंबर बारिश होने की शंका ला-नीना का खतरा। जाने यहाँ सारा विवरण। 

वैज्ञानिक इसकी तरफ इशारा करते हुए भी कहा है इसके प्रभाव से इस बार सर्दी जल्दी और काफी बढ़ सकती है। 

जबकि बारिश की सितंबर भर जारी रहने के आसार भी जताए गए हैं  आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेष पर रखे हुए हैं उनके द्वारा ही यह सारी जानकारी दी गई है उन्होंने बताया कि इस बार हो सकता है भीषण ठंड और जल्द ही आने की जताई जा रही है

 

 मौसम विज्ञानिक डॉ सुनील पांडे ने बताया कि देश में अगस्त की वर्षा ने पिछले 44 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।

मौसम विज्ञान के अनुसार या पहली बार 44 साल के दरमियान देखा गया है कि अगस्त में कितनी बारिश हुई है जबकि हवा में 3 दिन से ठंडक महसूस हो रही है इससे ला नीना के सक्रिय होने की पूरी संभावना जताई जा रही है इसका असर इंडोनेशियाई क्षेत्र मेक्सिको की खाड़ी दक्षिण अमेरिका समेत कई पड़ेगा भारत के दक्षिण क्षेत्र में ठंड का अनुभव होगा कि अब तक भारतीय मौसम विभाग की ओर से कोई घोषणा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मौसम विभाग
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लेकिन शंका है कि जल्द ही घोषणा और अलर्ट जारी कर दिया जाएगा जिससे देशवासियों को अवगत किया जाएगा। 

 ला नीना समुद्री घटना हवा की दिशा में बदलाव से होती है उनका रुख तय करने वाली समुद्री घटना है जो 7 से 8 साल में अलनीनो के बाद होती है समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है वह समुद्र की सतह का तापमान कम होने से लगता है हवा की दिशा में बदलाव होना है क्षेत्र में हवा की रफ्तार कम हो जाती है। 

 

भूमध्य रेखा के आसपास से होता है सक्रिय है मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन सुनील पांडे ने बताया कि ला नीना भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर के करीब सक्रिय होता है इसके असर से अन्य महाद्वीपों को नजर आता है वह आप बिल्कुल आराम से देख सकते हैं प्रशांत महासागर का सबसे गर्म हिस्सा भूमध्य सागर के नजदीकी रहता है पृथ्वी के गुण के कारण वहां हवा से पूर्व से पश्चिम की ओर चलती है जबकि ला नीना में परिवर्तित होती रहती है और इससे आने वाले समय में मौसमी बदलाव देखा जा सकता है। 

 

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