लखनऊ। क्या हमें मौसमी सर्दी जुकाम भी दे रहा है कोविड-19 से लड़ने की ताकत। 

क्या हमें मौसमी सर्दी जुकाम भी दे रहा है कोविड-19 से लड़ने की ताकत। 

आपके बॉडी के अंदर छोटी सेल हैं यही कर रहे हैं  हमारी कोविड-19 से  रक्षा  आपने देखा होगा दोस्तों कई बार आपको या हमें अपने घर में सर्दी जुकाम की शिकायत बराबर बनी होती है। 

जिसके कारन  सभी लोग चिंता करने लगते हैं।

लेकिन ऐसी चिंता की बात कुछ नहीं है क्यू की हमारे बॉडी में इनके खिलाफ सभी इम्यून सिस्टम को डेवलप कर रहा है ,जी हां संजय गांधी पीजीआई के पूर्व सीएम इम्यूनोलॉजिस्ट देवासी डंडा  कहते हैं कि हम भारतीय में सर्दी जुकाम होना मामूली बात  हैं।

हम इसे मेडिकली सीजनल कोविड-19 वायरस कहते हैं।  सर्दी जुकाम होने पर हमारे बॉडी में  वाइरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी सिस्टम होता है जिसे एंटीबॉडी और टी सेल्स  बनते हैं।

यह कुछ समय बात खत्म हो जाती है लेकिन तीसरे मौजूद शरीर में हमेशा बनी रहती है हमें इंफेक्शन से बचाने के लिए भी शक्ति  प्रदान करते हैं  .

डॉक्टर डंडा का कहना  है यदि कहीं भी किसी शरीर में एंटीबॉडी नहीं मिले तो चिंता की बात नहीं क्योंकि संक्रमण के बाद उसमें t-cells मौजूद रहते हैं जो हमारे बॉडी को इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत कर  देते हैं।

आपने हालचाल में देखा हो गया कि इंडिया में कोरोना वायरस का प्रकोप उतना नहीं रह पाया जितना कि पश्चिमी देशों में रहा जैसे इटली फ्रांस अमेरिका इन सब देशों में कोरोना वायरस का संक्रमितओं की मौतें भी बहुत हुई और यहां के लोग संक्रमित ही बहुत जल्द हो रहे थे।

इटली का सीन अगर आप देखें तो यहां के लोग बहुत जल्द ही अपना कोविड-19 से जंग हार जाते थे और सांसे रुक जाती थी उनकी तो यहां पर देखा जाए दोस्तों तो भारत के लोगों में इम्युनिटी  सिस्टम बहुत मजबूत है। 

डंडा कहते हैं और पश्चिमी देशों में इतनी मजबूत नहीं वहां के लोगों को जो कि इस तरह के वायरस को झेल पाए इस वजह से आंकड़े भी ज्यादा रहें और मौतें भी बहुत ज्यादा हुई  भारत की तुलना में।

कहते हैं भारतीयों में क्रॉस वोटिंग नहीं हो पा रहा है अलग अलग होने वाली इंफेक्शन से लड़ने के लिए हमारी  बॉडी तैयार रहता है  .

बीमारी पैदा करने वाले तमाम  वाइरस पैदा होने के बाद हमारा इम्युनसिस्टम का सामना होता रहता है।

यही सिस्टम हमें मजबूत करता है  बात है कि इन परिस्थिति में रहते है भारत कई जगह बिल्कुल साफ  नहीं पश्चिमी देशों की इतना लेकिन यह देखा जाये तो  यह  भी एक फायदेमंद हो जाते हैं भारतीयों के लिए  ,

इनकी पैथोलॉजी सिस्टम इतनी मजबूत हो जाती है और एंटीबायोटिक सिस्टम मजबूत होने के कारन वायरस  को ऐसे ही मार देते हैं। 

हालांकि डॉ डांडा कहते हैं कि इसका मतलब यह नहीं कि हमारी बॉडी मजबूत है। 

तो हम बिल्कुल फिक्र बंद कर दे ऐसा बिलकुल नहीं करे और जरूरी प्रोटोकॉल को भी फॉलो करना है आपको मास्क लगाना है सोशल डिस्टेंसिंग अभी मेंटेन करना है और अपने घर वालों को भी समझाना है लोगों को भी बताना है जागरूक करना है आप जितने से दूर रहें आपकी भलाई है  और आपके परिवार के लिए। 

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