लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।में हुवा धोखा-धड़ी।मामला भर्ती का।  

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान। सपा शासनकाल में कुछ  पदों को मंजूरी दी गई थी लगभग 400-450 पदों पर नियुक्ति निकाली गई थी जो कि पूरे प्रदेश के लिए थे।  गौरतलब है किसी कारणवश भाजपा का सरकार बनते ही इस नियुक्तियों पर रोक लगा दिया गया हालांकि इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है।  कि रोक क्यों लगाई गई क्या मूल  कारण था यह अभी तक प्रश्नों का  घेरा बना हुवा है।

नियुक्ति की प्रक्रिया काफी दिनों से ठप पड़ी थी वही जब मैनेजमेंट ने बुधवार को संस्थान द्वारा नया विज्ञापन निकाला गया तो इस मामले की संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री चिकित्सा शिक्षा मंत्री प्रमुख सचिव से शिकायत की गई साथ ही कई नियुक्तियों पर सीधी भर्ती पर भी बात करी गई।

कहा जा रहा है कि कुछ पदों पर कुछ सलूक वाले लोगों के चाहने वाले और परिवार को दिया गया है इन संबंधित पदों पर प्रमोशन देकर कुछ लोगों को बिठाने  की भी कोशिश की गई हैं।

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में पिछले  2016 में गैर शैक्षिक संवर्ग के 456 पद पर मंजूर किए गए थे।  इसका वर्ष 2017 में विज्ञापन भी निकाला गया था जिसमें से कि लाखों  युवक ने तय शुल्क का  रजिस्ट्रेशन फीस देकर  फॉर्म को फिल अप करा था।

जिसमें कई नव युवकों का कहना है कि भाजपा सरकार बनते ही इन सपा सरकार की इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दिया गया तथा जिन युवकों का पैसा लगा है। फॉर्म में  अगर देखा जाए तो करोड़ों रुपए के इस शुल्क में आवेदन शुल्क भरा गया है नोजवानो दुवारा।

इन पदों पर अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है इन पदों को दोबारा आवेदन मांगे जाने पर काफी सोच विचार विमर्श अभी चल रहा है बुधवार को लोहिया संस्थान के निर्देशक द्वारा एक एडवर्टाइजमेंट निकाला गया जिसमें वर्ष 2017 की भर्ती प्रक्रिया में शामिल इकलौता पद पर मेडिकल रिकॉर्ड ऑफिसर सेंट्रल रिकॉर्ड को प्रशासनिक कारणों से विज्ञापित पदों से कम किया जाना बताया गया है।

आरटीआई के सीनियर अधिकारी मनीष मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विज्ञापित करते हुए पदों से कम किया जाना बताया गया है ऐसे में सेंट्रल रिकॉर्ड को प्रशासनिक कारणों से विज्ञापनों से कम किया जाना बताया गया इसमें आरटीआई के तो इसमें महानिदेशक कुछ  शिकायत भेजी गई है जिसमें 456 पदों में से सिर्फ एक दो पद की भर्ती प्रक्रिया से हटाने को लेकर सवाल खड़े हैं।

कई सवाल खड़े हो गए हैं लिहाजा देखा जाए तो कई युवकों ने इसमें तय  शुल्क आदेशानुसार  आवेदन को भरा था जिसमें से शुल्क अदा कर फार्म भरे गए लिहाजा बीच में सीधी भर्ती के ऊपर हटाना उसे दूसरे माध्यम से भरना यह नोजवानो के साथ गलत है सैकड़ों युवाओं का कहना है कि यह उनके साथ गलत हो रहा है।

और उनके रोजगार के साथ उनकी जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है यह बहुत बड़ा धोखा धड़ी है जो अपने चहेते लोगों को प्रमोशन देकर उनके पद को भर्ती किया जा रहा है।

और उन युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है जो युवा इसकी तैयारी कुछ दिनों से कर रहे थे और सीमा शुल्क अदा अदा करके इस फॉर्म को भरा भरा गया था उनके अनुरूप  उनका कहना है कि उनके करियर को दरकिनार करते हुए यह सब किया जा रहा है।

डॉ राम मनोहर लोहिया के संस्थान के कार्यवाहक निर्देशक डॉ नुजहत का कहना है की सारी विज्ञापित पदों में से एक पद कम किया गया है। या लीगल सेल एवं कुछ अला अधिकारी से राय लेकर किया गया है।

यह सारा   कार्य आदेश अनुसार किया जा रहा है इन जैसे कई कार्यक्रमों अनुसार किया जा रहा है उनका कहना है कि यह एक बातें हैं जिसमें से कोई धोखाधड़ी किसी के साथ नहीं किया जा रहा है जो भी कार्य हो रहे हैं उस कार्य में सभी की सहमति है अतः सभी को विज्ञापित किया गया है।

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