लखनऊ की आबोहवा में फिर से घुली कड़वाहट।

लखनऊ की आबोहवा में फिर से घुली कड़वाहट।

 

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा )   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की आबोहवा दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। विभिन्न जतन करने के बाद भी यहां की आबोहवा सही होने का नाम नहीं ले रही है

यहां की एक्यूआई का रंग दिन पर दिन गहरा होता जा रहा है। जिससे कि मनुष्यों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा
हवा के जहरीले होने के कारण लोगों को सांस की बीमारी से होने के चांसेस हैं और जो व्यक्ति सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं उन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

यहाँ हवा की गुणवत्ता गुरुवार से अधिक बेहाल हो गई और
डीएम अभिषेक इस एक्यूआई का रंग देखकर कर क्षेत्रीय अधिकारियों पर काफी गुस्सा है और गुस्से में उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेतन को भी रोक दिया है। गुरुवार को लखनऊ शहर का एक्यूआई
349 माइक्रोग्राम रहा। और प्रदूषित सूची में लखनऊ 28 में स्थान पर रहा, परंतु शुक्रवार को अचानक 98पॉइंट का
एक्यूआई में इजाफा हुआ तो अभिषेक डीएम अभिषेक ने अधिकारियों पर काफी गुस्सा जताया।

अगर कानपुर की बात की जाए तो कानपुर की भी आबोहवा काफी खतरनाक रहे और यह प्रदूषित शहरों में से चौथे स्थान पर रहा।
डीएम अभिषेक के गुस्से के पश्चात प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए शहर में आज से ही लोहिया पथ समेत कई स्थानों पर पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं और छिड़काव नगर निगम ने पानी का छिड़काव करना प्रारंभ कर दिया है।

लखनऊ के क्षेत्र प्रदूषित रहे।

वैसे तो लखनऊ शहर ही पूरा प्रदूषित रहा, परंतु लखनऊ क्षेत्र में कुछ ऐसे क्षेत्र रहे जो कि ज्यादा प्रदूषित है जैसे कि तालकटोरा, लालबाग, अलीगंज
तालकटोरा का एक्यूआई लगभग 479 माइक्रोग्राम रहा और लालबाग का एक यूआई 475 माइक्रोग्राम रहा
दूसरी तरफ अलीगंज का है, क्यों आई 443 माइक्रोग्राम रहा और गोमती नगर का एक्यूआई 374 से 425 माइक्रोग्राम पहुंच गया।

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