लखनऊ के विश्वविद्यालय के छात्रों से अनुपम खेर तथा कुमार विश्वास अपने जीवन के साथ जुड़े लखनऊ के कुछ पल शेयर करेंगे।

लखनऊ के विश्वविद्यालय के छात्रों से अनुपम खेर तथा कुमार विश्वास अपने जीवन के साथ जुड़े लखनऊ के कुछ पल शेयर करेंगे।

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा ) वैसे तो आप लोगों ने अनुपम खेर को एक कलाकार के रूप में जरूर जाना होगा, परंतु आपको यह ना पता होगा की यह लखनऊ शहर के निराला नगर के एक कमरे में किराए पर रहने वाले हम और आपके जैसे जीवन बिताने वाले आम आदमी है। और कुमार विश्वास सभी छात्रों की तरह केकेसी के यह भी छात्र रह चुके हैं। आपको शायद विश्वास ना होगा। परंतु यह दोनों कलाकार विश्वास स्थापना दिवस समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ लखनऊ में बीते अपने जिंदगी के कुछ पल शेयर करेंगे।

लखनऊ में अपने जिंदगी के कुछ पल जो बीते वह बताते हुए कहते हैं की मैंने निराला नगर में छात्रों की तरह भी जीवन दिया है। साथ ही मुझे इंदिरानगर की जलेबियां तथा समोसे और बिरयानी भी याद है

कहते है  मैं यह कभी नहीं भूल सकता कि दिल्ली में ड्रामा स्कूल से पास होने के बाद डीएनए मेरा पहला कार्य था।
कहते हैं अपनी जिंदगी में किया गया पहला काम कोई भी इंसान नहीं भूलता। ठीक उसी तरीके से मैंने भी अपना पहला किया और वो मुझे आज तक याद है और आज तक के मैं उसे भूल नहीं पाया है जो अपनी पहली नौकरी भूल गया उसने अपने जीवन में फिर कुछ नहीं याद रखा।
मुझे लगता है कि मुझे उस समय लगभग 12000 मिल रहे थे और निराला नगर में मैंने 4 साल तक के छात्रावास में रहने के पश्चात खुद की एक जगह ढूंढी थी।

मुस्कुराते हुए कहते हैं कि मुझे इंदिरानगर के कबाब भी याद है और वहां की बड़ी मजेदार बिरयानी भी। कहते हैं कि हजरतगंज रोवर्स के पास हम बर्गर खाया करते थे और उसके अलावा आईटी कॉलेज चौराहा पर निराला नगर में एक ढाबा है। वहां का राजमा चावल बहुत ही अच्छा मिलता है और मैंने इसे आमलेट के साथ खाना प्रारंभ किया था। और लोग उस तरीके को बड़ा पसंद करते थे।

यहां से मैं आगे बढ़ा और लखनऊ से मुझे जो सीख मिली है मेरे जीवन में आज भी काम आती है। मुझे आज भी याद है कि मैं लखनऊ से क्या-क्या सीखा और कैसे ,मैंने अपने जीवन के चन्द दिन वहां पर जो व्यतीत किये वह मेरे लिए पूरे जीवन भर यादगार रहेंगे।

कुमार विश्वास को वैसे तो आप लोग जानते ही होंगे, परंतु आइए उनके जीवन के बारे में भी कुछ जाना जाए। कुमार विश्वास केकेसी के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने केकेसी में काव्य का पहला पाठ पढ़कर कवित्व में उन्होंने अपनी किस तरीके से जगह बनाई उनको आज भी याद है।

कुमार विश्वास  पिलखुआ के रहने वाले थे मगर लखनऊ के केकेसी कॉलेज में छात्र के रूप में उनका कुछ वक्त बीता और यहां देव आशीष अनल नाम के कवि उनके सीनियर थे। विश्वास आज भी लखनऊ के अपने संस्मरण में अनल का नाम लिया करते हैं और उनकी अपनी प्रतिस्पर्धा को याद करने के साथ ही साथ उनकी कविताओं को भी याद करते हैं और पढ़ते हैं। लखनऊ को वह काव्य और साहित्य के नज़रिये से पूर्ण मानते हैं।

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