लखनऊ :में “कोविड-19” के मरीजों की संख्या काबू में नहीं आ रही। क्यू ?

 लखनऊ :में “कोविड-19” के मरीजों की संख्या काबू में नहीं आ रही। क्यू ?

उत्तर प्रदेश में कोरोना  संक्रमितओं की संख्या लगातार बढ़ रही है इसे काबू करना राज्य सरकार तथा क्षेत्र सरकार की दायित्व बनता हैं। देखा जाए तो लोग चक्कर काट रहे हैं अस्पतालों के और उन्हें   बेड नहीं मिल पा रहा संक्रमित  मरीजों की लगातार मौतें होती जा रही हैं.

यही हालत प्रदेश में बना रहा तो वह दिन जल्द दूर नहीं जब मरने वालों की संख्या बढ़कर हजारों में  पहुंच जाए ,

आप देखे होंगे कुछ दिन पहले लखनऊ प्रदेश की राजधानी  लखनऊ में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार भयावह रूप से बढ़ते जा रही थी।

वायरस को लेकर हालात बेहद गंभीर हुए हैं मंगलवार तक लखनऊ में संक्रमण 6867 मामले सामने आ चुके थे जिनमें से 3716  एक्टिव केस कोरोना  के  पाए गए हैं। 

1 सप्ताह पहले 1 जुलाई तक लखनऊ में 4503 मामले सामने आए थे जिनमें 28611 था कि अब यूपी में हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं।

लेकिन अभी भी देखा जाए तो कुछ दिनों से हालत अभी काबू में है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में लगातार भया वह रूप से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 400 से ऊपर तक जा रहे थे

तभी तो लग रहा था कि यह आंकड़ा पहुंचते-पहुंचते 500 के ऊपर न चला जाए लेकिन अभी कुछ मामूली गिरावट के साथ ये आकड़ा धीरे-धीरे नीचे जाता   दिख रहा है।

कोरोना।  लेकिन मरीजों की संख्या में कमी तो आ रही है बेड की व्यवस्था मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

जिस वजह से हालत सरकार के के नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं अगर बात लखनऊ राजधानी की करें तो संक्रिमतो  लिए अस्पतालों में बिस्तर की थोड़ी कमी तो है। 

 लखनऊ के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह ने  हमें बताया कि वे स्वीकार करते हैं, राजधानी के अस्पतालों में बेड की थोड़ी कमी है।

राजेंद्र प्रसाद ने रविवार को ही सीएमओ को कार्यभार संभाला है और उनका कहना है कि वह चुनौतीपूर्ण हालत से निपटने के लिए हर संभव कोशिश की तैयारी कर रहे हैं। 

प्रशासन ने कोरोना से लड़ने के लिए कई स्तर पर पहल की है लेकिन अभी तक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हुई है। 

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