लखनऊ वासियों के लिए सूचना देव दीपावली है समीप , जाने चंद्रग्रहण के संबंध में।

लखनऊ वासियों के लिए सूचना देव दीपावली है समीप , जाने चंद्रग्रहण के संबंध में।

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा )  30 नवंबर को बताया जा रहा है की चंद्र ग्रहण है, परंतु इस बार लग रहा है कि चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। इस कारण से धागा नहीं माना जाएगा। उपछाया इस स्थिति में लगता है जब पृथ्वी की वास्तविक छाया में ना आकर उसकी छाया से ही वापस चला जाता है । धार्मिक मान्यता के अनुसार – जब भी कभी चंद्र या सूर्य ग्रहण होने वाला होता  है तो धागा लगता है इस समय पूजा-पाठ होता है और मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं

परंतु इस बार माना जा रहा है की उपछाया ग्रहण से सूतक का कोई भी असर नहीं पड़ेगा। इस दिन भी लोग आम दिनों के तरीके से मंदिर जाएंगे और अपने रोजमर्रा के कामों को अंजाम देंगे, इसके साथ ही धार्मिक जो कार्यक्रम चल रहे हैं, वह चलते रहेंगे।

2020 के वर्ष में आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगने जा रहा है और सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा भी है जानकारी के लिए बता दें की इसी दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। यह चंद्रग्रहण कार्तिक माह से कार्तिक महीने से शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तारीख तक के लग रहा है। यह खगोलीय घटना दोपहर से 1 बजकर 4 मिनट से प्रारंभ होगी और शाम को 5:00 बज के 22 मिनट तक के रहेगी। इस बार का चंद्रग्रहण भारत के साथ साथ अमेरिका और प्रशांत महासागर और एशिया तथा ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई पड़ेगा।

 

जाने उपछाया चंद्र ग्रहण कब लगता है ?

उपछाया चंद्र ग्रहण तब लगता है जब वह चंद्रमा धरती की यथार्थ छाया में ना आ करके उसकी छाया से ही लौट जाती है। आचार्य शक्ति धर त्रिपाठी से बातचीत की तो जानकारी मिली की उपछाया चंद्र ग्रहण का कोई भी धार्मिक प्रभाव माना नहीं जाता है और कुछ राशियों पर इसका प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। परंतु ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का लोकाचार करने की आवश्यकता नहीं है

 

 

चंद्र ग्रहण लगने का जाने समय।

उपछाया से पहला स्पर्श –  दोपहर 1:04 मिनट पर होगा

और दोपहर 3:13 पर परम ग्रास चंद्र ग्रहण होगा।

शाम 5:22 पर छाया से अंतिम स्पर्श होगा।

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