लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन ही नहीं बल्कि सभी एडमिशन पर होगी लागू यह व्यवस्था 10% गरीब कोटे से दिया जाएगा अभ्यर्थियों को लाभ।

लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन ही नहीं बल्कि सभी एडमिशन पर होगी लागू यह व्यवस्था 10% गरीब कोटे से दिया जाएगा अभ्यर्थियों को लाभ।

 

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा )    लखनऊ विश्वविद्यालय के कॉलेज में तकरीबन 10% एडमिशन ईडब्ल्यूएस कोटे के द्वारा होंगे मगर यह अलग से दी जाएंगी। उदाहरणार्थ अगर कुल सीट 40 है तो इसकी 10% सीट मतलब के 4 सीटें अलग से दी जाएंगी। मतलब के 44 मगर इसका मतलब यह नहीं है की 44 सीट को टोटल सीटों में मान लिया जाए। यह व्यवस्था पीएचडी से लेकर के सभी प्रवेश पर लागू की जाएंगी ।

 

 

पिछले दिन और पीएचडी के एडमिशन एग्जामिनेशन में ईडब्ल्यूएस कोटे से संबंधित विवाद हुआ था जिसमें यह कहा गया था की पीएचडी एडमिशन में ईडब्ल्यूएस कोटे का फायदा अभ्यार्थियों को नहीं दिया गया जिससे की विद्यार्थी बहुत परेशान हुए हैं।   दूसरी तरफ लखनऊ विश्वविद्यालय का कहना कुछ और ही है

 

 

कुलपति प्रोफ़ेसर आलोक कुमार राय से जब बातचीत की तो उन्होंने बताया की हम गरीब कोटे का पूर्ण भाग मतलब के 10% फायदा अभ्यार्थियों को दे रहे हैं। इस बाबत फायदा दे रहे हैं की जितनी भी सीटें हैं उनमें सीटों की संख्या को 10% बढ़ा दिया जाता है। पुराने आरक्षण में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। हालांकि 10% बढ़ाया जाता है। उसको टोटल सीटों की संख्या में सम्मिलित नहीं किया जाता है।

 

 

कहना यह है की पीएचडी एडमिशन में ईडब्ल्यूएस कोटे से कोई भी छेड़खानी नहीं की जाएगी। उसमें कोई भी सच्चाई ही नहीं है। हम पूर्ण रूप से बहस करने और फैक्ट को पूरी सफाई के साथ पेश करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। मगर यह नहीं मान सकते हैं की ईडब्ल्यूएस कोटे में कोई भी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा के इसी तरीके से हर एक एडमिशन एग्जाम में गरीब कोटे को आरक्षण दिया जाता रहा आ है।

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