लखनऊ शहर में सर्वाधिक एक्टिव केस होने का रिकॉर्ड बना हुआ है।

लखनऊ शहर में सर्वाधिक एक्टिव केस होने का रिकॉर्ड बना हुआ है।

लखनऊ में दूसरे दिन रिकॉर्ड 449 मरीज मिले 580 डिस्चार्ज 11 की मौत लखनऊ में कोरोना वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

लखनऊ में लोग परेशान हैं हताहत हैं राज्य सरकार भी लगी हुई है परिणाम कुछ निकलता हुआ दिख नहीं रहा है. प्रतिदिन मरीजों का रिकॉर्ड टूटता जा रहा है।

लखनऊ शहर में सर्वाधिक एक्टिव केस होने का रिकॉर्ड बना हुआ है। 

लखनऊ में दूसरे दिन रिकॉर्ड 449 मरीज मिले 580 डिस्चार्ज 11 की मौत लखनऊ में कोरोना वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

लोग परेशान हैं हताहत हैं राज्य सरकार भी लगी हुई है इन परिणाम कुछ निकलता हुआ दिख नहीं रहा है. प्रतिदिन मरीजों का रिकॉर्ड टूटता जा रहा है कोरोना अपना खुद का रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

हर दिन लगातार दूसरे दिन मरीजों की आंकड़ा 400 पार कर गया देखा जाए तो कोरोना  मरीजों का उपचार सही तरीके से नहीं हो पा रहा है।

और ना ही लखनऊ  के पास उतने बेडशीट्स बचे हुए हैं कि इन मरीजों को दिया जाए।

इंदिरानगर में वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा है लखनऊ के यह भी एक बड़ा छेत्र के रूप में देखा जाता है। सबसे ज्यादा मरीज इसी छेत्र से है।

यहाँ करीब 10 लोगों की जान जा चुकी है वहीं गोमतीनगर, गाजीपुर ,आशियाना, क्षेत्र में कोविड-19 अपना प्रकोप दिखा रहा है।

70 से अधिक जगहों में रविवार को 449 लोग कोविड-19 से ग्रसित पाए गए वहीं मरीजों की संख्या अस्पताल में शिफ्ट की जगह नहीं अफसरों के लिए चुनौती बन गई है।

केजीएमयू में आईसीयू की वार्ड में कोरोना का बेड फूल था और इन्ही मरीजों को भी शाम को भर्ती करने में बहुत ही मुश्किलों से हो पा रही थी।

लखनऊ में अब करोना मरीजों के लिए रणनीति बनानी होगी इसके अलावा  राज्य सरकार के अस्पताल प्राइवेट दफ्तरों एवं कर्मचारियों मैं भी करोना पॉजिटिव के लक्षण अब आने लगे हैं।

ऑफिसर एवं कार्यालयों में मरीजों की संपर्क में स्टाफ की सूची बताई गई है वहीं 580 मरीजों की डिस्चार्ज किया गया है लखनऊ शहर में।

सर्वाधिक एक्टिव केस होने का रिकॉर्ड बना हुआ है। 

लखनऊ में लगातार कोरोना खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है हर दिन लगातार दूसरे दिन मरीजों की आंकड़ा 400 पार कर ता जा रहा है।

देखा जाए तो कोरोना पेशेंट  का उपचार सही तरीके से नहीं हो पा रहा है और ना ही राज्य सरकार के पास उतने बेडशीट्स बचे हुए हैं कि इन कोराना मरीजों को दिया जाए।

पालन करें
पालन करें

इंदिरानगर में वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा है लखनऊ के यह भी एक घनी आबादी छेत्र के रूप में देखा जाता है। यहाँ से ज्यादा मरीज व करीब 10 लोगों की जान जा चुकी है।

वहीं गोमतीनगर। गाजीपुर। आशियाना।  क्षेत्र में कोविड-19 अपना प्रकोप दिखा रहा है 70 से अधिक जगहों में रविवार को 449 लोग कोविड-19 से ग्रसित पाए गए।

वहीं मरीजों की संख्या अस्पताल में शिफ्ट अफसरों के लिए चुनौती बन गई है या केजीएमयू में आईसीयू की फुल रिलेशन वार्ड में भी शाम को भर्ती बहुत ही मुश्किलों से हो पा रही है।

अब करोना मरीजों के लिए रणनीति बनानी होगी इसके अलावा सारे लखनऊ में एवं राज्य सरकार के अस्पताल प्राइवेट दफ्तरों एवं कर्मचारियों की मैं भी करोना पॉजिटिव के लक्षण अब आने लगे हैं।

सारे ऑफिसर एवं कार्यालयों में मरीजों की संपर्क में स्टाफ की सूची बताई गई है वहीं 580 मरीजों की डिस्चार्ज किया गया है लखनऊ शहर में सर्वाधिक एक्टिव केस होने का रिकॉर्ड बना हुआ है।

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