लखनऊ – सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जल निगम प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी होगी सख्त कार्रवाई।

लखनऊ – सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जल निगम प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी होगी सख्त कार्रवाई।

 

लखनऊ,( कुलसूम फात्मा )   राजधानी लखनऊ के नगर निगम अधिकारी का आरोप है की जल निगम, गोमती, प्रदूषण प्रोजेक्ट मैनेजर तथा अन्य ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
नगर निगम के जोनल अधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ छह अन्य लोगों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम समेत और भी धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करा दी है।

जानें पूरा मामला।

नगर निगम के जोनल अधिकारी ने आरोप लगाया है की सार्वजनिक मार्ग पर अनऑथराइज्ड तरीके से आरसीसी पाइप को डाला गया है। यही नहीं यातायात के आवागमन में भी बाधा पहुंचाई गई है। बेतुकी सड़के खोदने पर प्रदूषण को बढ़ावा दिया गया है और गंदगी भी इससे फैली है। लखनऊ में जल निगम के प्रखंड जोन 1 हजरतगंज क्षेत्र में कई स्थानों पर आरसीसी से बने पाइप बेतुके तरीके से रोड पर पड़े हुए हैं। विभिन्न स्थानों पर सड़क को खोद दिया गया है जिससे प्रदूषण और गंदगी फैल रही है नगर निगम ने गड्ढों बंद करवाने और रोड के किनारे रखे हुए पाइपों को हटवाने के लिए डिपार्टमेंट के अधिकारियों तथा कर्मचारियों और ठेकेदारों को सूचना भी दी है और इसको हटवाया जाए अनुरोध किया है

परंतु जल निगम के अधिकारियों तथा ठेकेदारों ने इस पर किसी भी तरह का ध्यान नहीं दिया। इससे कैसरबाग तथा हजरतगंज और अमीनाबाद वजीरगंज के कई एरियाज में साफ सफाई नहीं बल्कि गंदगी फैल चुकी है। कई दिनों से जाम भी लग रहा है। पर्यावरण जिससे प्रदूषित हो रहा है।

उपर्युक्त स्थित के पश्चात नगर निगम के जोनल अधिकारी एक दिलीप कुमार श्रीवास्तव जल निगम, गोमती प्रदूषण प्रोजेक्ट मैनेजर पियूष कुमार मौर्य तथा असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ-साथ अन्य छह लोगों पर सार्वजनिक संपत्ति को हानि पहुंचाने और निवारण अधिनियम के साथ अन्य धाराओं में एफ आई आर दर्ज करा दी है। इन दोनों अधिकारियों सहित आरोपित ठेकेदार और हरेंद्र कुमार, विजय कुमार यादव तथा रोहित कुमार गुप्ता अन्य के नाम पाए गए है।

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