लोग हो गए हैं स्मार्ट मीटर से परेशान बिजली का इस्तेमाल होता है कम परंतु रीडिंग आती है अधिक।

लोग हो गए हैं स्मार्ट मीटर से परेशान बिजली का इस्तेमाल होता है कम परंतु रीडिंग आती है अधिक।

 

 

 

उपभोक्ता बिल देते देत लोग परेशान गए हैं
कम से कम बिजली का इस्तेमाल करने के बाद भी अत्यधिक बिल आ रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्मार्ट मीटर तेज गुनाह चलते हुए पाए गए , और रिपोर्ट को दबा दिया गया। अपर मुख्य सचिव को 15 दिन के अंतर्गत जांच करने का आदेश मिला है। जांच के पश्चात दोषी पाए गए अफसरों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होगी

15 दिन के भीतर जांच का आदेश –

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस बात का खुलासा होते ही
उच्च स्तरीय जांच का आदेश अपर मुख्य सचिव को 15 दिन के भीतर करने का दिया है।

 

वैसे तो उपभोक्ता हमेशा इस बात की शिकायत किया करते हैं कि बिजली जलती उतनी नहीं है जितना बिल दुगना तिगुना आ जाता है ।
जब 2018 में स्मार्ट मीटर लगना प्रारंभ हुए तो बहुत से उपभोक्ताओं ने अपने घर में मीटर लगाने पर विरोध जताया था क्योंकि उनको इस बात की शंका थी कि बिजली जितनी जलेगी नहीं,उससे दुगना बिल आएगा। और वही हुआ शिकायत करने के पश्चात भी उपभोक्ताओं की एक न सुनी गई।

यूपी के विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने मीटरों की जांच कराने से संबंधित आयोग में जब बात उठाई तो पिछले वर्ष मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने लेसा को कुछ उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर चेक करने के लिए भेजा की जिससे पता चल सके कि कहीं पुराने मीटर को देखते हुए स्मार्ट मीटर तेजी से तो नहीं चल रहें हैं।
रिपोर्ट में तब स्मार्ट मीटर 30 गुना की तेजी से चलते पाए गए थे लेकिन उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट को दबा कर वह मीटर तुरंत ही बदलवा दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के जैसे ही रिपोर्ट यह हाथ लगी। उन्होंने सोमवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से शक्ति भवन मुख्यालय में मुलाकात की और तुरंत मंत्री को रिपोर्ट पेश की। परिषद अध्यक्ष ने प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तुरंत आदेश दिया है उन्होने कहा की यदि जाच में लापरवाही बरती गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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