लोन हेतु नहीं काटने होंगे अब वेंडरों को नगर निगम के चक्कर, कर्मचारी खुद उनके ठेले के पास पूरी करेंगे लोन देने की सारी प्रक्रिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पटरी दुकानदारों के लिए एक राहत भरी खबर है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना फॉर स्ट्रीट वेंवडर से पटरी दुकानदारों को लोन दिलाने में लखनऊ शहर के नगर निगम की ओर से नई पहल शुरू की गई है।

आपको बता दें नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना फॉर स्ट्रीट वेंडर के तहत ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को इसका लाभ पहुंचाने हेतु प्रयास किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 10 हजार से अधिक वेंडरों का पंजीकरण करा दिया गया है और उनके खाते में इस योजना के तहत दी जाने वाली लोन की रकम भी पहुंच रही है।

अगर आंकड़ों की माने तो नगर की कुल आबादी का 5% वेंडर माना गया है। इस हिसाब से नगर निगम सीमा क्षेत्र में 2011 में की गई जनगणना के अनुसार 1.40 लाख वेंडरों को इस योजना से जोडा जाना था।  हालांकि दी गई जानकारी के अनुसार वेंडर नीति में   लखनऊ शहर की आबादी के हिसाब से 2.5 प्रतिशत वेंडरों के बारे में बताया गया है।  जिसका अर्थ क्या है कि अभी भी लगभग 70 हजार वेंडर इस योजना के लाभ से वंचित है। अतः अब नगर निगम का मकसद इस 70 हजार के लक्ष्य को पूरा करना है। 

नगर आयुक्त द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार अब तक 50 से अधिक टीमों को लैपटॉप और बायोमेट्रिक मशीन के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में भेजा जा रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ से जोड़ा जा सके। इतना ही नहीं नगर निगम के जोन कार्यालयों में भी 5 कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि अगर कोई वेंडर नगर निगम के दफ्तर आए तो कर्मचारी के अभाव में उसे वापस लौट कर ना जाना पड़े।

योजना के अंतर्गत पंजीकरण हेतु जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर और जिस मोबाइल में वह नंबर है वो फोन साथ में होना चाहिए, ओटीपी की आवश्यकता हेतु 
  •  बैंक की पासबुक
  •  दो फोटो

विभिन्न नगर निगमों के बीच जारी है प्रतिस्पर्धा

इस योजना के तहत जो सबसे मजेदार बात निकल कर सामने आ रही है वह यह कि उत्तर प्रदेश के 14 नगर निगमों के बीच इस बात की होड़ लगी हुई है कि कौन कितने ज्यादा पटरी दुकानदारों को इस योजना के तहत लोन दिला कर नंबर 1 के स्थान पर खुद को काबिज कर सके।

मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से हर दिन इस योजना से जुड़ी रिपोर्ट जारी की जा रही है जिसमें इस बात का उल्लेख रहता है कि कौन सा नगर निगम नंबर 1 के स्थान पर काबिज है। आपको बता दें अब तक की जानकारी के अनुसार बीते रविवार तक लखनऊ का नगर निगम तीसरे स्थान पर था। मगर बीते सोमवार को इसके स्थान में बदलाव देखने को मिले और तीसरे स्थान से बढ़कर यह दूसरे स्थान पर पहुंच गया।

हालांकि अभी भी लखनऊ नगर निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि वह नंबर एक के स्थान पर खुद को काबिज कर सके। अब तक के आंकड़ों के हिसाब से बनारस नगर निगम पहले स्थान पर काबिज है वही आगरा नगर निगम तीसरे स्थान पर मौजूद है।

Leave a Comment