सब्जियों के बाद तेल ने भी बढ़ाई अपनी कीमत।

महंगाई में सब्जियों के बाद तेल ने भी बढ़ाई अपनी कीमत।

 

 

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा )   कोरोना महामारी के पश्चात खाने पीने की चीजों में महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। पहले तो सब्जियों ने इस कदर दाम बढ़ाया के अभी तक के उसमें ठहराव नहीं आया है। अभी वह सस्ती हुई भी ना थी के सरसों के तेल तथा रिफांइड ने भी अपनी वैल्यू दिखाना प्रारंभ कर दी है।
दीपावली आई नहीं कि दीपावली प्रारंभ होने से पहले ही त्यौहार में अधिक खर्च होने वाली चीजों के दाम ने आसमान को छूना प्रारंभ कर दिया इन खाद्य तथा तेल के दामों में बढ़ोतरी के कारण ग्रहणीयां काफी परेशान हो गई हैं। उनका कहना है की अरहर की दाल और आटे के ही पैर जमीन पर है बाकी चीजों ने तो आसमान में छलांग लगा रखी है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कड़वे तेल तथा रिफाइंड ने भी अपनी कीमत बढ़ाने प्रारंभ कर दी है।
यदि बाजार में फुटकर भी तेल खरीदो तो इसकी कीमत 132 तथा 155 रू प्रतिलीटर है। बाजार में कारोबारियों से बातचीत करके पता चला कि यह महंगाई इसलिए बड़ी क्योंकि इस साल सरसों की फसल काफी कम हुई जिसके कारण तेल के दामों में भी बढ़ोतरी हो गई है।

उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते इस तेल की कीमत 122 तथा 145 ₹ प्रति लीटर रही और रिफाइंड की कीमत 110 तथा 120 ₹ प्रति किलो रही।
और यदि पिछले हफ्ते से पहले की भी बात की जाए तो इसकी कीमत ₹100 तथा ₹105 प्रति लीटर थी।
कारोबारियों ने बताया कि स्थानीय बाजार में सरसों के तेल की कीमत सिर्फ ₹10 प्रति लीटर ही बड़ी है।

जाने हर हर की दाल का दाम।

बताया कि अरहर की दाल तो 10 ₹ कम और हो गई है और बाजार में यह 100₹तथा 105 ₹ किलो बिक रही है। वहीं दूसरी तरफ यदि उरद की दाल की बात की जाए तो वह 150 तथा 160 रुपए किलो बिक रही है
और चने तथा मटर की दाल 75₹ किलो बिक रही है।
वहीं दूसरी तरफ आटे तथा गेहूं ने अपनी कीमत 3 तथा 6₹ घटाकर 22₹ किलो कर दी है। अब गेहूं और आटा 22₹ प्रति किलो बिक रहा है और पिछले दिनों की बात की जाए तो।
पिछले दिनों 25 से 28₹ प्रति किलो आटा तथा गेहूं बिक रहा था। परंतु यह भी वर्तमान समय में सस्ता हुआ दिखाई पड़ रहा है वहीं बेसन 85 रुपए से बढ़कर 90 तथा 100₹ किलो बिकने हो गया है।

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