स्मार्ट मीटर के द्वारा कंज्यूमर से वसूला जा रहा था अधिक बिल , अब जाकर मिलेगी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली के बिल से राहत।

स्मार्ट मीटर के द्वारा कंज्यूमर से वसूला जा रहा था अधिक बिल , अब जाकर मिलेगी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली के बिल से राहत।

 

 

 

लखनऊ, ( कुलसूम फात्मा )   दिन पर दिन बिजली उपभोक्ताओं के द्वारा स्मार्ट मीटर से आने वाले अधिक बिल के शिकायत के बाद भी स्मार्ट मीटर को बदला नहीं गया बल्कि आदेश भी हुआ के इन स्मार्ट मीटर की जांच की जाए। फिर भी अधिकारियों ने आदेश पर तवज्जो नहीं देते हैं और हाल यह है की कंज्यूमर  बिजली का बिल भर भर के बेहद परेशान हो गए हैं।

 

अपने द्वारा की गई कमी पर अधिकारी ध्यान नहीं देते। एक निम्न वर्गीय और सामान्य वर्ग का परिवार बिजली का बिल कब तक के भरेगा ? आखिरकार जब यह परेशान होकर बिजली चोरी करने लगते हैं तो दरवाजे पहुंचकर अधिकारी इन परिवारों से बिजली का जुर्माना वसूलते हैं। आखिर उपभोक्ता क्या करें? अधिक बिजली का बिल कब तक भरे?

 

ना ही स्मार्ट मीटर को बदला जा रहा है और यदि अपना बजट कंट्रोल करने के लिए कोई परिवार बिजली चोरी भी करता है तो उसे जुर्माना वसूला जाता है। बिजली चोरी ना हो, इसको यदि कंट्रोल करना है तो पहले अपने मीटर की रीडिंग को कंट्रोल करें जिससे की यह चोरी का सिलसिला बंद हो। जुर्माना वसूलने से चोरी का सिलसिला नहीं बंद हो सकता क्योंकि कमियां अधिकारियों में है।

 

 

ऊपर से आदेश होते हैं की मीटर की चेकिंग की जाए मीटर बदले जाएं। फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं और दरवाजे पहुंचकर लोगों को परेशान करते हैं। इन्हें अपनी तरफ से किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़नी चाहिए। यदि इसके बाद भी उपभोगक्ता चोरी करते हैं तो फिर इनसे जरूर जुर्माना वसूलना चाहिए।

 

बता दें की यूपी पावर कॉर्पोरेशन आईटी विंग की लापरवाही के चलते आयोग के आदेश के पश्चात भी स्मार्ट मीटर कंज्यूमर से रिकनेक्शन तथा डिस्कनेक्शन की फीस फीस ली जाती रही। यह फीस ₹600 वसूली अब तक के वसूली पिछले दिनों 11 नवंबर को ही आयोग ने अपने आदेश में 5 किलोमीटर तक के 100 तथा इससे अधिक पावर पर ₹200 वसूलने के लिए फीस आदेश दिया था।

 

 

जब यूपी राज्य विद्युत कंज्यूमर परिषद ने उपर्युक्त मामले का खुलासा किया तो अधिकारियों के पैर कप कपा गए और वह आदेश के पश्चात भी स्मार्ट मीटर कंज्यूमर से अभी तक के आरसीडीसी के ₹600 फीस लगभग 40 दिनों तक के वसूलते रहे।  वर्तमान समय में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी को जब अलर्ट किया गया तो उस सॉफ्टवेयर में चेंजेज़ किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। कंज्यूमर परिषद ने निदेशक व  Commercial से मांग की है की नवंबर की 11 के पश्चात उपभोक्ताओं से ज्यादा जो फीस ली गई है, इसका एडजस्टमेंट जल्द ही किया जाए।

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