हाथरस में एक बार फिर दोहराया गया निर्भया कांड, आज देश की बेटी मांगे जवाब कब मिलेगा इन दरिंदों से निजात

कहने को तो महाभारत काल को खत्म हुए कई अरसा हो चुका है। मगर आज के मौजूदा वक्त में भी देश के किसी न किसी कोने में, राज्य के किसी कोने में या जिस गली में हमारा घर है, उस गली के किसी कोने में कहीं ना कहीं दुशासन और दुर्योधन जैसे लोग मौजूद हैं जो देश की बहन बेटियों के आबरू को नोचने को तैनात बैठे हैं।

कुछ साल पहले दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था जिसके बाद लोगों के बीच काफी ज्यादा आक्रोश देखने को मिला था। उस वक्त के आक्रोश को देखकर ऐसा लगा था मानो अब देश की बहन बेटियों को इन दरिंदों से मुक्ति मिल जाएगी मगर आज तक ऐसा कुछ भी ना हो सका।

आपको बता दें 14 सितंबर को हाथरस में रहने वाली एक बच्ची के साथ कुछ दरिंदों ने कुछ वैसा ही किया जैसा निर्भया केस में हुआ था मगर फर्क बस इतना है कि  हाथरस की घटना उजागर तब हुई इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश तक जागा जब कई दिनों तक सही इलाज की व्यवस्था ना होने की वजह से उस बच्ची ने सफदरगंज अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया।

 

क्या है पूरा मामला आइए देखें एक नजर

बीते 14 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे पीड़िता अपनी मां के साथ चारा उठाने गई हुई थी। उसी वक्त  ताक में बैठे कुछ दरिंदे वहां आए और उस लड़की को अपने साथ उठाकर ले गए। उसके बाद बारी-बारी से उन्होंने उसका सामूहिक बलात्कार किया। इतने में भी जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने उस लड़की की जीभ काटने की कोशिश की जिस वजह से लड़की के जीभ पर कई घाव हो गए। यहां तक कि उन दरिंदों ने पीड़िता की गर्दन और रीढ़ की हड्डी तक तोड़ दी।

पिछले 15 दिनों से अलीगढ़ के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था जहां से कुछ दिनों पहले उसे सफदरगंज के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इस दर्द से लड़ते-लड़ते पीड़िता ने अपनी आखिरी सांसे ली।

29 सितंबर की सुबह पीड़िता की सफदरगंज अस्पताल में मृत्यु हो गई।

 

घटना के विषय में क्या कहना है प्रशासन का

मिली जानकारी के अनुसार जब इस घटना के विषय में हाथरस के थाना अध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लड़की को केवल जान से मारने की कोशिश की गई थी। उनके अनुसार लड़की के साथ बलात्कार नहीं हुआ था। यहां तक कि आरोपियों पर भी केवल धारा 307 और एससी एसटी एक्ट के तहत केवल एक को गिरफ्तार किया गया था और यह जानकारी हमें पीड़िता के परिजनों द्वारा मिली।

हालांकि बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए चारों मुख्य आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

घटना को लेकर विपक्षी पार्टियों ने किया सत्ताधारी सरकार पर हमला

हाथरस रेप पीड़िता की मृत्यु के बाद विपक्षी पार्टियां सत्ताधारी सरकार पर एक के बाद एक निशानी साध रहे हैं। जहां एक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आक्रमक तेवर अपनाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और उससे भी ज्यादा दुर्भाग्य की बात तो यह है कि सरकार ने इस घटना को फेक बताया। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा की ना तो इस पीड़िता का दर्द फेक था, ना इसकी मृत्यु फेक थी और ना सरकार का इस घटना को नजरअंदाज करना फेक था।

इस मामले में समाजवादी पार्टी के सारे कार्यकर्ता प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर अन्य कई जगहों पर इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

घटना को लेकर बढ़ा हुआ है जनाक्रोश

इस घटना को लेकर कई जगहों पर लोगों द्वारा हाथों में कैंडल लिए विरोध प्रदर्शन देखने को मिला सभी की एक ही मांगे हैं दोषियों को फांसी दी जाए। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जगहों पर लोग पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं।

हाथरस में  लोगों द्वारा घटना के विरोध में जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया जहां लोग सड़क पर लेट कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। मिली जानकारी के अनुसार घटना के विरोध में बाल्मीकि समाज के लोगों के साथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चंद्र गुप्ता विक्रमादित्य समेत अन्य नेता भी शामिल थे। 

सभी  विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर जुलूस मशाल  निकालते हुए  तालाब चौराहे के पास पहुंचे। वहां पहुंचते ही  प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क पर बैरिंग रख जाम लगा दिया गया जहां बैठकर भी लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और पीड़िता के लिए इंसाफ की गुहार भी लगाई।

 

बिना परिजनों को बताएं पीड़िता के शव को लेकर निकल गई यूपी पुलिस

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जब एक ओर विपक्षी दलों से लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा इस घटना को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था उसी बीच यूपी पुलिस बिना पीड़िता के परिजनों को सूचित किए उसके शव को सफदरगंज अस्पताल से लेकर निकल गई। जिसके बाद पीड़िता के परिजन अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए और इंसाफ की गुहार लगाने लगे।

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