जैसे ही मौसम ने बदला अपना रुख सब्जी ने भी ताबड़तोड़ अपनी कीमत बडा़ई।

जैसे ही मौसम ने बदला अपना रुख सब्जी ने भी ताबड़तोड़ अपनी कीमत बडा़ई।

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ – जो की नवाबों के शहर के नाम से  जाना जाता है अब यहाँ की सब्जियां भी नवाबों के जैसी क्यों न हों । उन्होंने भी अपनी कीमत इस कदर बढ़ाने की ठान ली है । कि लोग सब्जी लेने जाते हैं और दुकान पर सब्जी की कीमत सुनते ही अपने कदम पीछे कर लेते हैं। लगता है इस बार सर्दियों में सब्जी खाने के लिए नहीं केवल देखने के लिए ही बस मिल सकेगी।

 

कोरोना महामारी के चलते पूरा देश आर्थिक स्थिति से जूझ रहा है। वहीं दूसरी ओर सब्जी ने भी महंगाई से हाथ मिला लिया है। लगातार बड़ रही महंगाई ने लोगों का बजट खराब कर दिया है।
और इसका असर सबसे ज्यादा उन व्यक्तियों पर पड़ा है जो प्रतिदिन कार्य करके उसी आय से अपना जीवन व्यतीत करते है।
एक तरफ कोरोना काल के कारण कार्य नहीं मिल पा रहा है। दूसरी तरफ महंगाई आसमान छू रही है, और अब तो सब्जियों ने भी महंगाई से अपना हाथ जा मिलाया है।

 

सब्जियों के फसल का नुकसान लगातार हो रही बारिश के कारण हो गया, जिससे की मार्केट में सब्जी के रेट बहुत ही तेजी से बढ़ गए।

सब्जी के दुकानदारों ने बताया कि महंगाई के कारण लोग जब सब्जी लेने आते हैं तो उनके इरादे महंगाई सुन कर बदल जाते हैं। पिछले दिनों जो वह सब्जी 1 किलो की जगह पर 2 किलो ले जाते थे, अब वह 1 किलो की जगह पर, ढाई सौ ग्राम ही खरीदते हैं ।

दुकानदार से वार्तालाप करने के पश्चात पता चला कि महंगाई बड़ने का कारण लगतार बारिश के होने से हुआ है जिससे की सब्जी की फसल खराब हो गई और हरी सब्जियां महंगी हो गई ।

 

 आइए जाने सब्जियों के दाम।

लखनऊ में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं

आलू जिसकी कीमत हमेशा ठीक ठाक रहती आई है।

इस बार इसने भी अपने रेट 60₹ किलो बढ़ा दीए।

और पुराने आलू ने अपनी कीमत 50₹ किलो रखी है।

अगर हम प्याज़ की बात करें तो प्याज़ 80₹ किलो हो गई है।

वही शिमला मिर्ची 100 से 120₹ किलो ।

और टमाटर 50 से 60₹ किलो में मिल रहा है।परवल 80₹ किलो तथा

गोभी 50₹ किलो और

भिंडी 50₹ किलो,

बैगन 40₹ किलो,

तरोई 50 ₹ किलो

मटर 160 ₹ किलो बाजार में मिल रही है।

Leave a Comment