34 लाख छात्राओं ने मिशन शक्ति में लिया भाग , 30 लाख अभिभावक भी हुए व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा शामिल।

34 लाख छात्राओं ने मिशन शक्ति में लिया भाग ,
30 लाख अभिभावक भी हुए व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा शामिल।

 

 

कोरोना काल की परिस्थितियों के थोड़ा ठीक होने के बाद अब छात्राओं को शिक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा अभियान के द्वारा मिशन शक्ति में छात्राओं को बुलाकर भाग लेने के लिए कहा गया।

 

शिक्षा अभियान के द्बारा 34 लाख छात्राओं ने मिशन शक्ति में भाग लिया साथ ही उनके अभिभावकों ने भी अपनी सहभागिता व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा दर्ज कराई ये
व्हाट्सएप ग्रुप अनुमान के मुताबिक डेढ़ लाख ग्रुप बनाए गए थे। जिनमें अभिभावकों ने अपनी सदस्यता दर्ज कराई।
स्कूल में बच्चों को बुलाकर शिक्षा से संबंधित तथा उनको अन्य अधिकारों से अवगत कराया गया। और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया। इन बच्चों की संख्या तकरीबन 6 लाख रही।

इस कार्यक्रम की शुरुआत बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने 5.50 लाख बेसिक शिक्षकों के सहायता से की थी। और
इस मिशन शक्ति की सहभागिता का पहला चरण 17 से 25 अक्टूबर तक चला इस मिशन में महिला तथा छात्राओं की संख्या पूरी तरह दिलचस्पी के साथ बनी रहीे।
इन छात्राओं तथा महिलाओं को उनके अधिकारों से अवगत कराया गया।
इनको मौलिक अधिकार
शिक्षा के अधिकार
बाल अधिकार तथा
पास्को एक्ट
घरेलू हिंसा और
बाल विवाह अधिनियम के बारे में बता कर के जागरूक किया गया और कहां गया कि महिलाओं को अपने अधिकार का जानने का पूरा अधिकार है ।
जब हमारे अधिकारों का कोई उल्लंघन करें तो हम उसके विरुद्ध आवाज उठा सकें।
साथ ही महिलाओं और छात्राओं को उनके हेल्पलाइन नंबर 112, 1098, 1090, 1070, 181 से जागरूक कराया।
और लैंगिक समानता तथा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 307 जिला संयोजक के द्वारा सेमेस्टर आधारित फीडबैक देने को कहा गया।
इस तरह से अभियान के द्वारा स्कूलों में 5 लाख अभिभावकों को बुलाकर प्रशिक्षित किया गया और 1050 शैक्षिक संसाधन व्यक्तियों को लैंगिक समानता का ज्ञान भी दिया गया।
साथ ही छात्राओं को गलत और सही स्पर्श के बारे में जानकारी दी गई लैंगिक असमानता से जुड़े वीडियो को भी दिखाया ।

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