लखनऊ कोरोना: कोविड-19 ने मचाया लखनऊ में हाहाकार पाए गए 26 नए मामले।

लखनऊ कोविड-19  

कई सरकारी कर्मचारी को और डाक कर्मी समेत सिपाही को भी निकला  कोरोना पॉजिटिव 26 नए मामले लखनऊ में।

कोरोना के अनलॉक-2 की प्रक्रिया की वजह से बढ़ रहे हैं मामले प्रदेश में।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पाए गए कई नए मामले कई सन्धिगद कोरोना पॉजिटिव मरीज इसमें गौरी अपार्टमेंट के 8 लोग शामिल हैं। इसमें से सारे भाजपा के  नेता के परिवार के बताए जा रहे हैं।

आलमबाग में भी कुछ लोग पाए गए हैं कोरोना पॉजिटिव डालीगंज की बिल्डर में कोरोना  पाया और कई इलाकों में भी लखनऊ के छोटे-मोटे जगह से भी कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

लखनऊ कोरोना
लखनऊ कोरोना

कुल मामला  लखनऊ में कोरोना  के 1000 से ऊपर हो चुका है सबसे बड़ी बात 45 वर्षीय पुरुष की मौत हो चुकी है कोरोना की वजह से गोमतीनगर सिगनेचर बिल्डिंग में  हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे वह उनकी हालत काफी गंभीर होने की वजह से उनको तड़के उनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया पर वह बच ना सके।

लखनऊ  एंटी करप्शन दफ्तर को बंद किया गया 48 घंटे के लिए गाइडलाइंस के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया पुलिस विभाग ने इसे   बहुत बड़ी छती बतया है।

 

उत्तरप्रदेश CM: सिएम योगी ने किया आदेश जारी: अनलॉक-2 की गाइड लाइन की पालन हो सख्ती से। होने है सभी निर्धारित कार्यक्रम।

अनलॉक-2  की गाइडलाइन के अनुसार योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा है कि निर्धारित कार्यक्रम तय समय सीमा पर होने चाहिए।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार कोरोना काल में भी रखा है 25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है।  वह खुद इसकी अगुवाई करते हुए मेरठ की हस्तिनापुर में कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। 1 जुलाई से करीब 75जिलों में संचारी कार्यक्रम जारी रहेगा।

up district
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मुख्यमंत्री की मंगलवार की बैठक में सभी डीएम और पुलिस अधीक्षक गाइडलाइन जारी कर रहे थे आदेश दिया है कि मेरठ जिला को छोड़कर बाकी सभी जिलों में 10:00 रात्रि से के 5:00 बजे सुबह तक कर्फ्यू जारी रहेगा और इस कोविड-19 में सभी आदेश को बिल्कुल सख्ती से पालन करना होगा।

कर्फ्यू

उन्होंने यह भी कहा की बिल्कुल कोविड-19 की महामारी में जो भी अनिवार्य पालन करना होता है उसका पालन बिल्कुल शक्ति से करें मास्क लगाए सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करें सांइटिज़ेर का प्रयोग बार-बार करें जिससे करोना है ना पाए और बाकी लोगों को भी राहत मिले।

उन्होंने घर से निकलने वाले आम जनता को भी जोर देते हुए सलाह जारी रखी है कि इसका उपयोग बिल्कुल शक्ति से करें और उन्होंने यह भी बाद में कहा उस मीटिंग के दौरान की कोरोना टेस्टिंग बढ़ाया जाए !

इस पर जोर दे रहे हैं वह सेंट्रल गवर्नमेंट से भी इसके लिए बात कर रहे हैं स्टिंग बढ़ाया जाए और इस महामारी पर ज्यादा से ज्यादा काबू पाया जाये।

CBSE: सीबीएसई ने दिया है एक मौका फेल हुए छात्रों को को दोबारा एग्जाम में शामिल हो सकते हैं !

सीबीएसई

CBSE: सीबीएसई ने दिया है एक मौका फेल हुए छात्रों को को दोबारा एग्जाम में शामिल हो सकते हैं !

सीबीएसई ने फिर से फैसला लिया है कि फेल हुए नवमी-9 ग्यारहवीं-11 के जो भी छात्र हैं उनको दोबारा एग्जाम  में शामिल किया जाए.और उनसे दोबारा एग्जाम ले सकते हैं जो एग्जाम में फेल हो चुके थे ! काफी अच्छे अवसर है  सीबीएसई वे छात्र दोबारा एग्जाम दे सकते हैं.

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने फिर से मौका दिया है उन लोगो को जो छात्र पहले एग्जाम में असफल रहे थे 9 वीं और 11 वीं के लिए है एक बड़ा अवसर पुनः परीक्षा का विकल्प प्रदान करने हेतु सभी CBSE स्कूलो को निर्देश जारी किया जा चूका है कई बड़े निर्देश पुनः छात्रों को अवसर  दिया गया इसलिए उन छात्रों को दोबारा मौका प्रदान करेगी।

काफी अभिभावकों की  सलाह और शिकायतें थी की इस पर दोबारा निर्णय लिया जाये  पैनल ने आखिर कार  यह निर्णय लिए।

सूत्रों के अनुसार , CBSE ने इस मामला को गंभीरता से लेते हुवे कई सभी स्कूलों को निर्देश जारी करदिये है हालंकि रिपोर्ट में यह भी बोला गया  है की कुछ स्कूल है जो जिस निर्देश को पालन नहीं  कर रहे।  और 9  वीं और 11  वीं के छात्रों को दोबारा मौका नहीं दे रही है।  जिस वजह से यह मामला टूल पकड़ता दिखा रहा है। यह भी बतया जा रहा है की यह मामला DELHI सुप्रीम कोर्ट तक बात जा चुकी है। कोर्ट  अनुसार 13 मई को कोई भी  सुचना रद्द नहीं कीया है।  पुनः उच्च न्यायलय ने ये आदेश जारी करते हुवे कहा है की सारे स्कूल इस आदेश का पालन करे।

पुनः सभी स्कूलों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन निवेदन देने की की प्रकिरिया  जारी की है।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की 9 वीं और 11 वीं के छात्रों को फिर से थोड़ा समय दिया जाये जिस से से वह फेल हुवे छात्र उनको पर्याप्त मौका मिले तयारी करने का ।

 

ब्रेकिंग्स : सुशान्त सिंह राजपूत के मरने से पहले न्यूज़ वायरल हुवा था। सीबीआई जांच की मांग तेज।

सुशांत सिंह राजपूत

कई हफ्तों  हो गये है सुशांत सिंह राजपूत को इस दुनिया को अलविदा कहऐ लेकिन उनकी मोत की अटकलए अभी तक शांत नहीं हो पाया है। उनके बिहार और पुरे देश में उनके कई फेन्स थे।  जिनको यह जानना जरुरी है की कैसे उनके साथ यह हदशा हुवा।  कई सोर्स से यह भी पता चल रहा है की उनकी मोत बस एक सोची समझी साजिश थी जो की पर्दाफाश होना जरुरी है और उनके फेन्स को को सचाई का पता चल सके।

 

सुशांत सिंह राजपूत

यह कहना मुश्किल है की आखिर उस रात क्या हुवा था क्यू की जबतक साड़ी बातये क्लियर नहीं हो जाता तब तक कोई कुछ नहीं बता सकता बस आप एक सोच ही रख सक्तये हो।

हालंकि सुशांत सिंह राजपूत के फेन्स का कहना है की वो खुदकुशी नहीं कर सक्तये उनकी मोत कोई वजह है और उनको एक साजिश के तहत ही मारा गया है।

यह सारी बातये तभी पता चल पाएंगे जब cbi इस रिपोर्ट का सही से आकलन करे और सुशांत सिंह राजपूत के फेन्स को सही से बताये।