लखनऊ:बहराइच के सिविल लाइन में रहने वाले ग्राम विकास अधिकारी से जुड़ा है। जिन्होंने सोमवार प्रातः 3 बजे अपने कमरे के पंखे से.

लखनऊ:

कोरोना महामारी के वजह से  लागू किए गए लाकडाउन के दौरान देश के कई राज्यों से खुदकुशी की घटना सामने आ रही थी। खुदकुशी करने वाले अधिकतर लोग या तो बेरोजगारी के वजह से यह कदम उठा रहे थे या फिर  जिनकी नौकरी थी उनकी नौकरी उनसे छिन जाने के वजह से उत्पन्न हुई आर्थिक समस्या के कारण यह कदम उठा रहे थे।

हाल ही में एक और खुदकुशी की घटना सामने आई है।

यह मामला बहराइच के सिविल लाइन में रहने वाले ग्राम विकास अधिकारी से जुड़ा है जिन्होंने सोमवार प्रातः 3 बजे अपने कमरे के पंखे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

घटना की जानकारी  जब  अधिकारी के  परिवार वालों को हुई  तो सभी काफी घबरा गए।  घटना के विषय में पुलिस को सूचित किया गया जिसके पश्चात अधिकारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मृत अधिकारी के परिवार वालों का यह कहना था कि वह काफी समय से अवसाद ग्रस्त थे  और लखनऊ में उनका इलाज भी चल रहा था।

मृत अधिकारी की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन में रहने वाले मनीष प्रताप सिंह के पुत्र केपी सिंह  के रूप में की गई है। आपको बता दें कि मृतक ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे।

घटना के पश्चात मृतक के पिता ने बताया कि वह रात में बिलकुल सामान्य थे। हालांकि  वह काफी समय से  तनाव में रह जरूर रहे थे मगर रात में साथ में खाना खाने के दौरान किसी भी तरीके का तनाव उनके चेहरे पर नहीं झलक रहा था। खाना खाने के बाद वह सीधे अपने कमरे में सोने चले गए थे। आज सुबह जब उसे पंखे से लटका देखा तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि कल तक जो बिल्कुल स्वस्थ रुप से हमारे साथ बैठकर खाना खा रहा था वह आज सुबह से इस तरीके का कदम उठा लेगा। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

देहात कोतवाल बृजेश पांडेय द्वारा दिए गए बयान के अनुसार मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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