लखनऊ वासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना। 

लखनऊ वासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना। 

  •  लखनऊ वासियों को अब अपने घर में रखना होगा 4 कूड़ेदान वह तो पता ही है कि उत्तर प्रदेश के लोगों में सफाई अभियान की जागरूकता बिल्कुल कम है इसलिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोगों को बताया है कि कूड़ा घर से निकालना और सड़क पर फेंक ना बिल्कुल ना करें।

चाहे वह कूड़ा अनुपयोगी क्यों ना हो जाए बचा हुआ भोजन हो या फिर सब्जी के छिलके या कांच प्लास्टिक के डिब्बे टायर कुछ भी हो इन सारे गुणों को एक / कैटेगरी में डाला गया है।

जिसमें कि सारे कूड़े को अलग-अलग रूप में अलग-अलग में  रखा जाएगा  जिसमें सरकार द्वारा निर्देश दिया गया है।

 

इन कूड़ो की श्रेणी अलग अलग होगी सूखे को गीले को तथा अन्य को भी विभाजित कर दी गई है लखनऊ से इसकी सुरवात हो गई है। 

जो जल्द ही प्रदेश के हर शहर में हर मोहल्ले गली कूचे में जल्द से जल्द इसकी शुरुआत की जाएगी सरकार का कहना है कि घर से ही कूड़े को विभाजित कर अलग अलग श्रेणी में बाँट कर इन कूड़े को उपयोग में लाया जाए.

नगर निगम की तरफ से युवक युवती को इस काम में लगाया गया है। 

एहि युवत और युवती जो घर घर में  लोगों को कूड़े के रख रखाव और विभाजन को बरक़रार रखने के लिए लोगों कोसलहा देंगे और जागरूक भी करेंगे जिससे आने वाले समय में इसका काफी उपयोग हो पाएगा और जैविक खाद बनाया जाएगा।

लखनऊ के लोगों की कमी की वजह से विभाजन नहीं हो पाती थी जिस वजह से कूड़े को एक ही में मिला दिया जाता था जिससे कूड़ा और प्रदूषित और प्रदूषण फैलाने वाला हो जाता था।

जिस वजह से गंदगी और गली मोहल्ले शहर मेंगंदा दिखता था जिस वजह से सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए समस्या का समाधान निकाला है।  

 

अब यह तो देख लिया कि चार डब्बे में कूड़े रखने का प्रावधान बन चुका है। लेकिन इन चारों डब्बे में कैसे विभाजित किया जाएगा यह भी चलिए एक बार एक झलक मारते हैं। 

किस तरह से कौन से डब्बे में कोन  सा कूड़ा रखने का प्रबंध किया जाएगा। 

  •   नीले डब्बे में सूखा कचरा अखबार प्लास्टिक लोहा कपड़ा कांच पैकेजिंग मैटेरियल टूटे हुए खिलौने रखे जाएंगे। 

 

  •  हर डिब्बे में गीला कचरा किचन से बची हुई खाद सामग्री जैसे सड़ी हुई सब्जी बची हुई दाल चावल रोटी इन सब को हर डिब्बे में रखा जाएगा जिसे हम गीला कचरा कहते हैं जिससे प्रदूषण भी ज्यादा फैलता है। 

 

  •  पीले डब्बे में अवशिष्ट कचरा जैसे कि एक्सपायर मेडिसिन दवाई लिक्विड टिशु पेपर 3 इंच यह सब रखा जाएगा। 

 

  •  काले डिब्बे में घरेलू हानिकारक कचरा रखा जाएगा जैसे कि पेंट का डब्बा ट्यूबलाइट थर्मामीटर लीड एसिड बैट्री  इत्यादि

 एक्शन के अनुसार लखनऊ में नगर निगम ने बताया है।

हर दिन 13 से 14 टन कूड़ा निकलता है जिसमें से 50% गीला कूड़ा होता है 45% कूड़ा सूखा होता है जिसमें 5% अवशिष्ट और पूरा होता है। 

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