लखनऊ मेट्रो के आला अधिकारियों को सिर्फअब गाड़ियों उनके निजी वाहनों को ही एक्सपेंसेस मिलेगा।

लखनऊ मेट्रो ने किया लीज रेंट ट्रांसपोर्ट वा मेडिकल  किया खत्म लखनऊ में मेट्रो की स्थिति खराब। 

लखनऊ मेट्रो के आला अधिकारियों को सिर्फ अब गाड़ियों उनके निजी वाहनों को ही एक्सपेंसेस मिलेगा जैसे उनके निजी वाहनों के लिए पेट्रोल एवं सर्विस चार्ज ही मिल पाएगा।

 

लखनऊ मेट्रो ने काफी बड़ा फैसला लेते हुए अपने खर्चो पर रोक लगाते हुए हर माह  50 से ₹700000/- तक की कटौती के लिए नियम बताएं

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड। अपने बढ़ते हुए खर्चों को कम करने के लिए हमेशा प्रदेश में चर्चा में बनी रहती है.

कभी मेट्रो एमडी युवा निर्देशक द्वारा स्वयं व परिचितों को टिकट लेकर मेट्रो में यात्रा करना कराना हो या फिर प्रशासनिक कार्यालय में पेपर लेस वर्क हो इस बार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो ने अपने ही अफसरों को मिलने वाला कुछ राहत पैकेज को बंद कर दिया है।

 

लीज रेंट का खर्च औसतन हर माह करीब 10 लाख आता था। 

इसके अलावा ट्रांसपोर्ट के लिए टैक्सी  इस्तेमाल होती थी उसे टेंडर भी खत्म कर दिया गया है अब पेट्रोल का पैसा मिलेगा सिर्फ इसी तरह मेडिकल के लिए अन्य एडवांस की सुविधा भी अब खत्म कर दी गई है।

 

कोरोना की वजह से अपने कर्मचारियों को मेट्रो कुछ पाबंदी लगाते हुए यह सब पैसा लेने को मजबूर हुई है। 

 

 

देखा जाए तो कोरोना के वजह से  मेट्रो की आय लगातार कम होती चली गई और बहुत कम हो गई है जिस वजह से लखनऊ मेट्रो प्रशासन को और मैनेजमेंट को यह फैसला लेना पड़ा है। 

 

जिससे उनके कर्मचारियों को थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है खैर आने वाले दिन इनके लिए अच्छे भी हो सकते हैं। 

 

 

या फिलहाल कटौती है बाकी अगर जिस तरह से मार्केट में उछाल आता है फिर उसी हिसाब से इन कर्मचारियों को अन्य सुविधाओं को  भुगतान किया जाएगा।

 

लखनऊ मेट्रो ने बताया है उनके एमडी कुमार के सब ने जानकारी दी कि मेट्रो अपना एक रुपए भी फालतू में खर्च नहीं करेगी इसलिए जो कटौती की जा सकती थी उसे करने का प्रयास किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि आनंद नगर में अफसरों के लिए मेट्रो कॉलोनी बन गई है इसे लीज की सुविधा टॉप टू बॉटम लखनऊ के अफसरों की खत्म हो गई है।

 

किराए के टेंडर खत्म कर दिया गया है मेट्रो अपने खर्चों को कम करने के लिए यह सारे उपायों का रास्ता निकाल रही है।