देर रात ऐशबाग के झोपड़पट्टियों में लगी आग, दमकल विभाग के कर्मियों द्वारा हालातों पर पाया गया नियंत्रण

लखनऊ: शहर के ऐशबाग क्षेत्र में रविवार को ईदगाह के समीप झोपड़पट्टी में अचानक से आग लग गई। आग लगने की वजह से वहां की झोपड़ियों में रखे सिलेंडर अचानक फटने शुरू हो गए जिस वजह से लोगों के बीच देर रात काफी हाहाकार मच गया। सभी लोग अपने अपने घरों से बाहर आ गए। घटना के वक्त जब  झोपड़पट्टी में रह रहे लोगों की चीख पुकार आसपास के लोगों द्वारा सुनी गई तो उनमें से किसी ने दमकल विभाग को सूचित कर वहां पर आने को कहा। 

दमकल की गाड़ियां पहुंचते ही झोपड़ियों में लगी आग को बुझाने के कार्य में लग गई। आपको बता दें देर रात तक  दमकल कर्मियों द्वारा झोपड़पट्टियों में लगी आग को बुझाने की कोशिश जारी रही। इस दौरान बाजार खाला पुलिस भी मदद करने हेतु वहां पर मौजूद रही।

अथक प्रयासों के बाद दमकल विभाग के कर्मियों द्वारा वहां पर लगी आग पर काबू पा लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार झोपड़ियों में रखे सारे सामान आग में जलकर राख हो गए मगर वहां पर मौजूद स्थानीय लोगों की जान बचा ली गई।

जरूरी दिशानिर्देशों के बीच एक बार फिर शुरू होने जा रही है लखनऊ शहर में फिल्मों की शूटिंग

लखनऊ: गौरतलब है कि कोरोना महामारी की वजह से गत मार्च के महीने से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से सभी काम ठप पड गए थे। हालांकि अब जैसे जैसे देश अनलॉक 5.0 की ओर बढ़ रहा है, बंद पड़ी सभी सेवाएं शुरू हो रही है।

आपको बता दें लॉकडाउन के दौरान फिल्मों की शूटिंग भी बंद कर दी गई थी। हालांकि अब जब प्रशासन की ओर से वापस से फिल्मों की शूटिंग करने की इजाजत दे दी गई है तो लखनऊ शहर में भी अलग-अलग निर्देशकों के द्वारा बनाई जा रही फिल्मों की शूटिंग को वापस से जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शुरू किया जा चुका है 

आइए डालते हैं एक नजर कौन से सितारे की कौन सी फिल्म की शूटिंग हो रही है लखनऊ शहर में – 

मनोज बाजपेई और विजय राज की 84

गौरतलब है कि वेब सीरीज 84 जिसमें मनोज बाजपेई के साथ साथ विजय राज मुख्य भूमिका में हैं, की शूटिंग लखनऊ शहर में शुरू हो चुकी हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस वेब सीरीज का अधिकतर हिस्सा इसी शहर में शूट किया जाना है। वही बात इस सीरीज की शूटिंग शेड्यूल की करें तो यह करीब दो से ढाई महीने का बताया जा रहा है।

राजपाल यादव की सफाईबाज 

बीते दिनों लखनऊ शहर में अपनी फिल्म की शूटिंग के प्रमोशन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राजपाल यादव ने बताया था कि उनकी फिल्म सफाईबाज जिसकी अधिकतर सीनस लखनऊ के अलग-अलग इलाके में शूट किए जाना बाकी था, कुछ दिनों पहले इसकी शूटिंग भी पूरी कर ली गई। आपको बता दें इस फिल्म में राजपाल यादव के अलावा जॉनी लीवर, उपासना सिंह जैसे अन्य कई कलाकार मुख्य भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे।

ऋचा चड्ढा की लाहौर कान्फिडेंशियल 

बीते रविवार लाहौर कान्फिडेंशियल नाम की वेब सीरीज जिसमें ऋचा चड्ढा मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी के शूटिंग कि शुरुआत कर दी गई। बात अगर इस सीरीज के शूटिंग शेड्यूल की करें तो आपको बता दें इसका शूटिंग शेड्यूल लगभग 30 से 35 दिनों का है जो पुराने लखनऊ के इलाके में शूट किया जाएगा।

रजनीश दुग्गल की बगावत

मिली जानकारी के अनुसार रजनीश दुग्गल स्टार बगावत की शूटिंग की शुरुआत मार्च के महीने में ही शुरू कर दी गई थी। मगर लगाए गए लॉकडाउन की वजह से इसे बीच में ही रोक दिया गया था। आपको बता दें इस फिल्म की शूटिंग शेड्यूल के मुताबिक अभी और 25 दिन शूट किया जाना बाकी है। मिली जानकारी के अनुसार इस फिल्म की  लखनऊ शहर के अलग-अलग इलाके में की जाएगी आपको बता दें रजनीश दुग्गल के अलावा इस पल में जो कलाकार मुख्य भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे उनमें विक्रम गोखले, अनिरुद्ध दवे, शिशिर शर्मा शामिल हैं। 

 

इन सभी फिल्मों के अलावा कार्तिक आर्यन की भूलभुलैया 2 और जाॅन अब्राहम की सत्यमेव जयते 2 जैसी बड़ी फिल्मों की शूटिंग भी  इस महीने के अंत तक लखनऊ शहर में वापस से शुरू होने वाली है। गौरतलब है कि मार्च के महीने में शुरू हुई इस शूटिंग को कोरोना महामारी के वजह से लगाए गए लॉकडाउन के मद्देनजर बंद करना पड़ा था। मगर अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत जल्द बंद पड़ी ये सारी फिल्मों की शूटिंग वापस से शुरू की जा सकती है।

15 अक्टूबर से नए रूप एवं नए नियमों के साथ खुलने जा रहे हैं लखनऊ शहर के स्कूल

लखनऊ: गत मार्च के महीने से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से सभी शिक्षा संस्थानों को बंद कर दिया गया था। मगर अब जब देश अनलॉक 5.0 की ओर बढ़ चुका है तो धीरे-धीरे करके सभी सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा संस्थानों को भी खोलने की तैयारी की जा रही है। इसी संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्कूल 15 अक्टूबर से खुलने की तैयारी में है। 

गौरतलब है कि कक्षा 10 एवं 12 के छात्रों की बोर्ड की परीक्षा है। ऐसे में उन विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलना अति आवश्यक है। क्योंकि कई बच्चों को कई तरह के  दुविधा हो सकती है जिसका निवारण हेतु  स्कूल खोला जाना जरूरी हो चुका है। 

नए नियमों के तहत खुलेंगे शिक्षा संस्थान

अनिल अग्रवाल जो कि एनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट है, ने बयान जारी कर कहा है कि स्कूलों में साइंस जोन स्थापित किया गया है। आपको बता दें स्थापित की गई इस साइंस जोन में कोरोना संक्रमण से बचने हेतु पीपीई किट के अलावा  मास्क, सैनिटाइजर टनल जैसे कई जरूरी चीजें बनाकर रखने की  पूरी व्यवस्था की गई है। यह सारी तैयारियां सावधानी बरतने हेतु है ताकि स्कूल में रहने के दौरान कोई भी बच्चा इस बीमारी से संक्रमित ना हो सके। सबसे दिलचस्प बात तो यह कि इस जोन की सभी चीजें स्कूल के बच्चों द्वारा ही बनाई जा रही है।

वहीं लोकेश सिंह जो कि लखनऊ पब्लिक स्कूल के प्रबंधक है, ने बयान जारी कर कहा है कि अभिभावकों से स्वीकृति लेने के बाद ही विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने की व्यवस्था की जाएगी। अभिभावकों से सहमति प्राप्त करने हेतु स्कूल प्रबंधन की ओर से गूगल फॉर्म तैयार किया गया है। इस फाॅर्म की मदद से  प्रबंधन कुछ प्रश्न अभिभावक से पूछेंगे। अगर उनमें अभिभावकों की सहमति होगी तो ही प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों  के लिए स्कूल खोलने की बात पर आगे विचार किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार अगर 15 अक्टूबर से सभी स्कूल खोले भी जाते हैं तो उन्हें कुछ नियमों के तहत ही काम करना होगा। ऐसे में कुछ नियम जारी किए गए हैं जिनमें इस बात का उल्लेख है की विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्कैनिंग से गुजरना होगा। इतना ही नहीं स्कूलों की जितनी भी शाखाएं होंगी वहां पर कोरोना हेल्पडेस्क के साथ-साथ सैनिटाइजेशन टनल की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सभी स्कूलों को दो पालियों में चलाने का निर्देश जारी किया गया है।

इस दरमियान जो सबसे जरूरी बात है वह यह कि  स्कूलों के खुलने के बाद बच्चों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से स्कूल आने की मनाही होगी। गौरतलब है पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कोरोना संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है इसी वजह से यह नियम लागू किया गया है। 

गठित की जाएगी इमरजेंसी रिस्पांस और हाइजेनिक इंस्पेक्शन टीम

लखनऊ शहर के सभी स्कूलों को खोलने हेतु जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अलावा कई टीम भी इस दौरान गठित की जाएगी। उनमें से एक होंगी इमरजेंसी रिस्पांस टीम और दूसरी होगी हाइजेनिक इंस्पेक्शन टीम। मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें इन दोनों टीम का काम स्कूल में मौजूद बच्चों पर हर वक्त निगरानी रखना होगा ताकि यह निश्चय किया जा सके कि जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं। 

लंबे अंतराल के बाद शुरू होने जा रही है कॉरपोरेट सेक्टर की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस, 8 अक्तूबर से शुरू हो जाएगी बुकिंग

लखनऊ: कोरोना महामारी के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन की वजह से यातायात सेवाएं भी ठप पड़ी थी जिसमें रेल सेवा भी शामिल थी। हालांकि एक लंबे अंतराल के बाद कॉरपोरेट सेक्टर की ट्रेनों को भी वापस पटरी पर दौड़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

मिली जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर से तेजस एक्सप्रेस वापस से पटरी पर दौड़ना शुरू कर देंगी। रेलवे विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर से यात्री सफर करने हेतु तेजस एक्सप्रेस के लिए अपनी अपनी टिकट की बुकिंग शुरू कर सकते हैं।

आपको बता दें तेजस एक्सप्रेस कॉरपोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन है जो लॉकडाउन के बाद वापस से पटरी पर दौड़ने को तैयार है। मिली जानकारी के अनुसार आईआरसीटीसी और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के बीच आज हुई बैठक में इस विषय पर फैसला लिया गया है। अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक के दौरान कई मुख्य बातों पर चर्चा की गई। उन्हीं बातों में से अधिकारियों द्वारा यह सवाल उठाया गया कि ट्रेन में सफर करने के दौरान यात्रियों के लिए किस प्रकार खाने की व्यवस्था की जाएगी। 

इस दरमियान आईआरसीटीसी द्वारा यह तर्क पेश किया गया कि चूंकि यात्री लखनऊ स्टेशन पर 90 मिनट पहले पहुंचेंगे यानी सुबह के 4:30 बजे तो उस वक्त के लिए उन यात्रियों के खातिर चाय नाश्ते का इंतजाम करना अनिवार्य होगा। खाने के अलावा यात्रियों को सैनिटाइजर एवं मास्क जैसे किट प्रदान किए जाने को लेकर भी बैठक के दौरान चर्चा की गई।

एक नजर तेजस एक्सप्रेस की कुछ मुख्य बातों पर

  • करीब 1 साल पहले लखनऊ से दिल्ली के बीच सफर हेतु कॉरपोरेट सेक्टर की देश की पहली ट्रेन तेजस की हुई थी शुरुआत।
  • आधुनिक सुविधाओं से लैस है यह एक्सप्रेस।
  • देश की पहली ट्रेन जो अगर लेट हुई तो यात्रियों को देगी मुआवजा।

लखनऊ के पॉलिटेक्निक कॉलेज के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम किया गया घोषित, आईएचएम में भर्ती होने की प्रक्रिया हुई पूरी

लखनऊ:  जहां एक ओर लखनऊ के पाॅलिटेक्निक कालेज के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर तथा प्रथम वर्ष के परीक्षा का परिणाम  प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित किया गया तो वहीं दूसरी ओर अलीगंज से तीन क्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट यानी आईएचएम के द्वारा नई सत्र को लेकर तैयारियां शुरू करने की खबरें आ रही हैं।

संस्थान के डायरेक्टर आरके शर्मा द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक आईएचएम में भर्ती होने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आपको बता दें इन संस्थान में 7 से 10 अक्टूबर के बीच सभी विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लासेस शुरु कर दिए जाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा उन्होंने यह जानकारी भी साझा की कि मंत्रालय की निर्देशानुसार 2 नवंबर से संस्थान के कैंपस में कक्षाएं सहित अन्य गतिविधियों को भी प्रारंभ किया जाएगा। हालांकि 2 नवंबर से शुरू होने वाली कक्षाओं के दौरान सभी को शारीरिक दूरी के अलावा जारी किए गए कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत सभी कार्य करने होंगे।

वहीं दूसरी ओर मिली जानकारी के अनुसार द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के परिणामों की घोषणा प्राविधिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष विद्यासागर गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस विषय पर शिक्षा परिषद के सचिव आर के सिंह ने बयान जारी कर कहा कि आयोजित की गई परीक्षा में कुल 189910 परीक्षार्थियों का परिणाम प्रमोशन के आधार पर घोषित किया गया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा की सभी छात्र परिषद की वेबसाइट www.result.bteupexam.in पर जाकर अपना अपना परिणाम देख सकते हैं।

इन परिणामों की घोषणा करने के अलावा शिक्षा परिषद की सचिव आरके सिंह ने यह जानकारी भी साझा की की अंतिम सेमेस्टर की होने वाली परीक्षाएं 12 अक्टूबर तक चलेंगी। उनकी ओर से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं की परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रत्येक विषयों का मूल्यांकन कार्य 2 सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाए ताकि नवंबर के पहले सप्ताह तक इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले लगभग 75000 छात्र-छात्राओं के परिणाम को उनकी ओर से घोषित किया जा सके।

दूसरे दिन भी जारी रहा विद्युत अभियंताओं द्वारा किया जा रहा हड़ताल, लगातार दुसरे दिन भी शहर के घरों से बिजली रही नदारद

लखनऊ: अपनी मांगों की पूर्ति हेतु कार्य का बहिष्कार कर रहे विद्युत अभियंताओं ने लगातार दूसरे दिन यानी आज भी विद्युत अभियंता महासंघ के आवाह्न पर अपने अपने कामों पर वापस लौटने से इनकार कर दिया और हड़ताल पर डटे रहे।

विद्युत अभियंताओं द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार की वजह से शहर के कई जगहों पर बिजली नदारद रही। हाल ऐसा है कि शहर के दुकानदार भी दिन के वक्त ही अपना कामकाज समेट कर वापस घर की ओर रुख कर रहे हैं। क्योंकि बिजली के अभाव में काम करना काफी मुश्किल हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार अभियंताओं द्वारा किए जा रहे इस हड़ताल या उनके कार्य बहिष्कार की वजह से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लगभग 30 फ़ीसदी उप केंद्रों की बिजली प्रभावित हो रही है। इन सबके अलावा राजभवन खंड से पोषित रोड उपकरण की बिजली 22 घंटे के बाद भी वापस से चालू नहीं हो सकी। वही बात गोमती नगर विश्वास खंड कीर्ति 30 केवी लाइन की करें तो वहां भी ब्रेकडाउन शुरू हो गई है।

आपको बता दें साझा की गई जानकारी के अनुसार राजभवन उप केंद्र और विश्वास खंड उप केंद्र में संविदा कर्मियों के हवाले अनूप केंद्र की बातें मोर्चा संभाले हुए हैं। इस विषय पर प्रदीप कक्कड़ जो की मुख्य अभियंता है ने बयान जारी कर बताया कि चूंकि मौजूदा हालात में विद्युत अभियंताओं द्वारा कार्य बहिष्कार कर दिया गया है तो ऐसी परिस्थिति में संविदा कर्मियों के सहारे ही बिजली घर चलाने को विवश हैं।

इसके अलावा उन्होंने यह जानकारी भी साझा की जिसमें उन्होंने बताया कि इस विषय पर उच्च स्तर पर बैठक चल रही है। ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि शाम तक इन सभी विषयों पर फैसला आ सकता है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगर विद्युत अभियंताओं की मांगों को पूरा कर लिया जाए तो वह अपने कार्य पर पुनः लौट सकते हैं जिससे शहर में बिजली को लेकर पैदा हुई संकट दूर हो जाएगी।

लोन हेतु नहीं काटने होंगे अब वेंडरों को नगर निगम के चक्कर, कर्मचारी खुद उनके ठेले के पास पूरी करेंगे लोन देने की सारी प्रक्रिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पटरी दुकानदारों के लिए एक राहत भरी खबर है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना फॉर स्ट्रीट वेंवडर से पटरी दुकानदारों को लोन दिलाने में लखनऊ शहर के नगर निगम की ओर से नई पहल शुरू की गई है।

आपको बता दें नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना फॉर स्ट्रीट वेंडर के तहत ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को इसका लाभ पहुंचाने हेतु प्रयास किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 10 हजार से अधिक वेंडरों का पंजीकरण करा दिया गया है और उनके खाते में इस योजना के तहत दी जाने वाली लोन की रकम भी पहुंच रही है।

अगर आंकड़ों की माने तो नगर की कुल आबादी का 5% वेंडर माना गया है। इस हिसाब से नगर निगम सीमा क्षेत्र में 2011 में की गई जनगणना के अनुसार 1.40 लाख वेंडरों को इस योजना से जोडा जाना था।  हालांकि दी गई जानकारी के अनुसार वेंडर नीति में   लखनऊ शहर की आबादी के हिसाब से 2.5 प्रतिशत वेंडरों के बारे में बताया गया है।  जिसका अर्थ क्या है कि अभी भी लगभग 70 हजार वेंडर इस योजना के लाभ से वंचित है। अतः अब नगर निगम का मकसद इस 70 हजार के लक्ष्य को पूरा करना है। 

नगर आयुक्त द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार अब तक 50 से अधिक टीमों को लैपटॉप और बायोमेट्रिक मशीन के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में भेजा जा रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ से जोड़ा जा सके। इतना ही नहीं नगर निगम के जोन कार्यालयों में भी 5 कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि अगर कोई वेंडर नगर निगम के दफ्तर आए तो कर्मचारी के अभाव में उसे वापस लौट कर ना जाना पड़े।

योजना के अंतर्गत पंजीकरण हेतु जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर और जिस मोबाइल में वह नंबर है वो फोन साथ में होना चाहिए, ओटीपी की आवश्यकता हेतु 
  •  बैंक की पासबुक
  •  दो फोटो

विभिन्न नगर निगमों के बीच जारी है प्रतिस्पर्धा

इस योजना के तहत जो सबसे मजेदार बात निकल कर सामने आ रही है वह यह कि उत्तर प्रदेश के 14 नगर निगमों के बीच इस बात की होड़ लगी हुई है कि कौन कितने ज्यादा पटरी दुकानदारों को इस योजना के तहत लोन दिला कर नंबर 1 के स्थान पर खुद को काबिज कर सके।

मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से हर दिन इस योजना से जुड़ी रिपोर्ट जारी की जा रही है जिसमें इस बात का उल्लेख रहता है कि कौन सा नगर निगम नंबर 1 के स्थान पर काबिज है। आपको बता दें अब तक की जानकारी के अनुसार बीते रविवार तक लखनऊ का नगर निगम तीसरे स्थान पर था। मगर बीते सोमवार को इसके स्थान में बदलाव देखने को मिले और तीसरे स्थान से बढ़कर यह दूसरे स्थान पर पहुंच गया।

हालांकि अभी भी लखनऊ नगर निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि वह नंबर एक के स्थान पर खुद को काबिज कर सके। अब तक के आंकड़ों के हिसाब से बनारस नगर निगम पहले स्थान पर काबिज है वही आगरा नगर निगम तीसरे स्थान पर मौजूद है।

लाख कोशिशों के बाद भी थम नहीं रहा कोरोना का कहर, बीते 24 घंटे में 454 नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए

लखनऊ: भले ही उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य में काफी हद तक सुधार देखने को मिल रहा है और प्रदेश का रिकवरी रेट भी काफी बढ़ चुका है। इसके बावजूद प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा।

बीते 24 घंटे में शहर में 454 नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए।

कहाँ मिले कितने संक्रमित मरीज 

  • आशियाना – 15 मरीज
  • इंदिरानगर  – 43 मरीज
  • आलमबाग – 25 मरीज
  • ठाकुरगंज – 10 मरीज
  • गोमती नगर – 32 मरीज 
  • हजरतगंज – 20 मरीज
  • मड़ियांव – 16 मरीज 
  • रायबरेली रोड – 34 मरीज
  • अलीगंज – 32 मरीज 
  • जानकीपुरम – 17 मरीज 
  • महानगर – 11 मरीज
  • चौक – 15 मरीज 
  • चिनहट – 21 मरीज 
  • विकासनगर – 13 मरीज 
  • बाजार खाला – 10 मरीज 
  • डालीगंज – 3 मरीज 
  • हसनगंज – 12 मरीज 
  • कैंट – 24 मरीज 

इन सारे इलाकों के अलावा शहर के और भी ऐसे कई इलाके हैं जहां से कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। कोरोना का खौफ यहीं पर नहीं थमता, आए दिन इस बीमारी से संक्रमित होने की वजह से लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। बीते सोमवार  कुल 13 लोगों ने  अपनी जान गवा दी।

मिली जानकारी के अनुसार उन 13 लोगों में से एक लखनऊ शहर के रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग थे जो कोरोना बिमारी से संक्रमित हो गए थे। आपको बता दें कि बुजुर्ग को किडनी की समस्या भी थी और इसी वजह से जब उनकी हालत और भी ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्हें केजीएमयू के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। बीते सोमवार इलाज के क्रम में बुजुर्ग ने अपनी अंतिम सांसे ली।

इसके अलावा जहां एक ओर 66 वर्षीय बुजुर्ग ने बीते सोमवार को अपनी आखिरी सांसे ली वहीं दूसरी ओर 45 वर्षीय एक पुरुष के कोरोना बीमारी के चपेट में आने की वजह से मृत्यु हो गई।

कई मरीजों ने दी कोरोना बीमारी को मात

जहां एक ओर शहर में ना तो कोरोना से संक्रमित होने वाले नए मरीजों के ग्राफ में गिरावट देखने को मिल रही है ना ही इस बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या घटने का नाम ले रही। हालांकि इन सबके बावजूद प्रतिदिन कई ऐसे मरीज है जो ठीक होकर वापस अपने घर जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटे में 582 मरीज ऐसे निकल कर सामने आए जिन्होंने इस बीमारी से लड़ते हुए इसे हरा दिया।

अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की हालत गंभीर

कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बेशक बढ़ रही हो मगर जो मरीज इससे संक्रमित हुए हैं और जो अस्पताल में भर्ती है उनमें से कुछ मरीज ऐसे हैं जिनकी हालत बिगड़ती जा रही है।

आपको बता दें मिली जानकारी के अनुसार कोरोना बीमारी से संक्रमित कुल 140 मरीजों को हॉस्पिटल का आवंटन किया गया। मगर चिंता का विषय यह है कि इनमें से 97 ऐसे मरीज हैं जिनकी हालत बिगड़ रही थी।  ऐसे परिस्थितियों में इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनके अलावा 43 मरीज ऐसे हैं जिन्होंने अस्पताल में भर्ती होने की जगह होम आइसोलेशन में रहने का फैसला लिया। आपको बता दें होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या कुल 3468 है जिन से फोन पर बात कर चिकित्सक उनके स्वास्थ्य का जायजा ले रहे हैं।

साझा की गई जानकारी के अनुसार कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर अबतक 8216 लोगों का सैंपल लिया जा चुका है जिसे आगे की जांच के लिए केजीएमयू भेजा जा चुका है।

त्योहारों के मद्देनजर लखनऊ सहित उन्नाव तथा आगरा में सस्ती हुई सीएनजी, बिक्री दर में 1.55 रूपये की कमी

लखनऊ: त्योहारों के मद्देनजर ग्राहकों को राहत देने हेतु सीएनजी सप्लाई से जुड़ी ग्रीन गैस कंपनियों ने सीएनजी की बिक्री दर में कटौती करने का फैसला किया है। आपको बता दें वर्तमान समय तक उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी की कीमत 62.50 प्रति किलोग्राम थी। मगर त्योहारी मौसम को देखते हुए कंपनियों ने इस दर में 1.55 रुपए की कटौती करने का निश्चय लिया है। 

सीएनजी सप्लाई से जुड़ी ग्रीन गैस कंपनी के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी एसपी गुप्ता ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीएनजी के दामों में आई इस गिरावट का मुख्य कारण केंद्र सरकार के स्तर से नेचुरल गैस की खरीदारी कीमत में कमी को बताया गया। इसी वजह से सीएनजी के दामों में उपभोक्ताओं को राहत मिली है। 

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार यानी 6 अक्टूबर के प्रातः 6:00 बजे से यह नई बिक्री दर लागू कर दी जाएगी। इस नए दर के लागू कर दिए जाने के बाद लखनऊ शहर के साथ साथ उन्नाव तथा आगरा के उपभोक्ताओं को या यूं कहें वहां के वाहन चालकों को सीएनजी 60.95 रुपये प्रति किलोग्राम के दर से मिलनी शुरू हो जाएगी।

हालांकि उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि पीएनजी की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव देखे जाने की उम्मीद नहीं है। जिसका अर्थ यह है कि सीएनजी के दामों में गिरावट जरूर हुई है मगर पीएनजी के दाम ज्यों के त्यों रहेंगे।

लखनऊ में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई आदर्श व्यापार मंडल की हेल्पलाइन सेवा

लखनऊ: कोरोना काल के मद्देनजर लगाई गई लॉकडाउन की वजह से लोगों को कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। 

 इसी दौरान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के व्यापारियों द्वारा सामना की जा रही कई सारी समस्याओं की घटना सामने आई जिस के निवारण हेतु उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा द्वारा उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल की हेल्पलाइन सेवा आज यानि सोमवार से शुरू कर दी गई।

आइए डालते हैं एक नजर क्या होगा इस हेल्पलाइन का प्रारूप – 

जारी की गई इस हेल्पलाइन सेवा की मदद से व्यापारियों को कई तरह की मुसीबतों से निजात मिल जाएगा। बात अगर इस हेल्पलाइन के प्रारूप की करें तो मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें जो भी व्यापारी अपनी समस्या या शिकायत दर्ज कराएंगे तो उन्हें पहले अपने व्यापारी होने का प्रमाण पत्र व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से साझा करना होगा। इसके अलावा व्यापारी द्वारा दर्ज की गई शिकायत या समस्या लिखित रूप में उन्हें ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाएगी।

इस हेल्पलाइन के जरिए केवल व्यापारिक समस्याओं को ही संकलित किया जाएगा। बात अगर इस हेल्पलाइन की समय सीमा की करें तो आपको बता दें प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से शाम के 6:00 बजे तक मोबाइल फोन पर व्यापारी फोन करके अपनी अपनी समस्या बता सकते हैं। इसके अलावा वह व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से भी अपनी समस्या को भेज सकते हैं। इन सबके अलावा जितने भी फोन कॉल या व्हाट्सएप चैट इस दौरान किए जाएंगे उनके रिकॉर्ड भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाएगा।

यह सुविधाएं केवल यही तक सीमित नहीं रहती हैं, आपको बता दें चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर सलाहकार, विभिन्न क्षेत्रों के विधि विशेषज्ञ अधिवक्ता, सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, पीपीएस अधिकारियों का भी सहयोग इस हेल्पलाइन में लिया जाएगा। इनके अलावा लखनऊ शहर की 50 अलग-अलग क्षेत्रों के एक्सपोर्ट पदाधिकारी भी व्यापारी हेल्पलाइन में अपना अपना योगदान देंगे।

इन सब में जो सबसे रोचक बात है वह यह कि इस हेल्पलाइन सेवा का कोई भी शुल्क व्यापारी को नहीं देना होगा। हालांकि उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि रविवार को यह हेल्पलाइन सेवा बंद रहेगी।

जारी किया गया हेल्पलाइन एवं व्हाट्सएप नंबर – 8400124444 (संपर्क करने का समय प्रातः 11 बजे से शाम 6 बजे तक)

ईेमेल आईडी-adarshvyaparmandai2004@gmail.com

 

मिली जानकारी के अनुसार जैसे ही यह सुविधा आज यानी सोमवार से शुरू की गई तो इस हेल्पलाइन नंबर पर सबसे पहला फोन इटावा के सर्राफा व्यापारी का आया। व्यापारी ने फोन करके उनके शस्त्र लाइसेंस में आ रही दिक्कत के विषय में अवगत कराते हुए इस परेशानी को जल्द से जल्द दूर करवाने का अनुरोध किया।

आपको बता दें हेल्पलाइन नंबर पर आई सबसे पहली फोन को स्वयं प्रदेश के डिप्टी सीएम ने उठाया और इस व्यापारी की इस समस्या को लेकर इटावा के जिलाधिकारी से बात करके व्यवसाय के शस्त्र लाइसेंस को तत्काल निर्गत करने का निर्देश जारी किया।